मथुरा। करोड़ों लोगों की आस्था की केंद्र यमुना नदी का पानी जहरीला होता जा रहा है। अब जलीय जीवों के जीवन पर आफत मंडराने लगी है। सोमवार की सुबह यमुना के बंगाली घाट के किनारे मरे एक कछुआ मरा मिला। सूचना मिलते ही यमुना किनारे तैनात नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मृत कछुआ को पानी की बीच धारा में आगे की ओर बहा दिया। शहर में मौजूद विश्राम घाट, स्वामी घाट, बंगाली घाट, ध्रुव घाट, हंसिया रानी घाट पर मछलियों के मरने के मामले कई बार सामने आ चुके हैं।
यमुना के जल में जहरीले रसायनों की मौजूदगी पाई थी
करीब ढाई साल पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यमुना के पानी को आचमन योग्य नहीं माना। इस पानी में निरंतर स्नान से त्वचा के रोग हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के अनुसार यमुना के जल में जहरीले रसायनों की मौजूदगी पाई थी।
महेंद्र नाथ चतुर्वेदी (पर्यावरणविद)
कोट
यमुना में 14 नवंबर को पांच स्थानों से पानी के नमूने लिए थे। उसकी जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार जलचरों की जान को खतरा नहीं है। हो सकता है कि मरा हुआ कछुआ बहकर यहां आया हो।
- डीके गुप्ता, सहायक पर्यावरण अभियंता प्रदूषण विभाग
दो लोगों की हो चुकी है मौत
इस वर्ष अक्तूबर के अंत में संत रमेश बाबा की ब्रज चौरासी कोस की यात्रा के दौरान यमुना का पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए थे।
यमुना में प्रदूषण से लोग त्रस्त हो चुके है। गंदे नाले और फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी यमुना में गिर रहा है। यमुना की स्थिति ऐसी है कि आज जलचर मर रहे हैं। यमुना शुद्धिकरण के लिए धरातल पर काम होता नहीं दिख रहा है।
- पवन यादव, यमुना भक्त
अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
दीपावली से पहले जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने यमुना के घाटों का निरीक्षण कर यमुना शुद्धिकरण को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन आज यमुना का हाल सभी के सामने हैं। जलचरों का मरना यमुना में बढ़े प्रदूषण को दर्शाता है।
- राजेश पाठक निवासी बंगाली घाट
यमुना में गिर रहा फैक्टरियों का पानी
दो दर्जन से अधिक नालों और फैक्टरियों का गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहे हैं। इन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके चलते पहले से ही गंदी यमुना का पानी और भी प्रदूषित हो गया है। उसका यह प्रदूषण जलचरों के लिए तो खतरनाक है।
- दिनेश चतुर्वेदी, यमुना भक्त
आचमन से लगता है डर
यमुना में बढ़ते प्रदूषण को दूर करने को लेकर अधिकारी संजीदा नहीं हैं। यही कारण है कि यमुना प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पा रही है। अब लोग यमुना में स्नान करना तो दूर आचमन लेने भी डरने लगे हैं।
-कुलदीप, स्थानीय निवासी
फोटो 2 बंगाली घाट पर यमुना में कूड़े के बीच खड़ी पूरा हटाने वाली मशीन।- फोटो : MATHURA
फोटो 4 राम घाट पर यमुना में फैली गंदगी।- फोटो : MATHURA
फोटो 5 ध्रुव घाट के समीप यमुना में फैली गंदगी।- फोटो : MATHURA