वृंदावन। यमुना का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर केशीघाट तक पानी आ गया है। चार सीढ़ी जलमग्न हो गई हैं। वहीं यमुना खादर में बसीं एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में रह रहे लोगों में अफरातफरी मच गई है। बारिश के साथ ही यमुना के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए मकानों को सुरक्षित करने और पानी घरों में धुसने न देने की रोकथाम के प्रयास शुरु कर दिए हैं।
ओखला बैराज से छोड़े गए जल के बाद पिछले दो दिनों से यमुना का जलस्तर बढ़ा रहा था। सोमवार दोपहर को जलस्तर स्थिर हो गया है। यमुना जल के साथ जलकुंभी भी आ रही हैं। यमुना के तेज प्रभाव के कारण मांट क्षेत्र की ओर सपाट क्षेत्र एवं खेत खलियान होने के कारण यमुना जल का फाट बड़ा हो गया है। नगर के पक्के और प्राचीन केशीघाट की चार सीढ़ियां जलमग्न हो गईं है। श्रीजीवाटिका, कालिंग कुंज, वराह घाट, कालीदह क्षेत्र, जुगलघाट, विहार घाट, पानीघाट, मोहिनी नगर, पक्के पुल के नीचे बनी श्रीजी कुंज कालोनी के भवन स्वामी घर में बरसात और यमुना का पानी न घुसे इसके लिए अभी से रोकथाम के इंतजाम करने में लग गए हैं। यमुना में जल अधिक होने के कारण नावों का संचालन कम किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि बरसात के कारण यमुना में वर्तमान में 12 हजार क्यूसेक पानी है। इससे पहले 30 हजार क्यूसेक पानी आया था।