मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना का कार्य आगामी दिनों के लिए ब्रेक लग गया है। इसके पीछे हाईकोर्ट का रूख होना माना जा रहा है। कोर्ट के रुख को भांपते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं ने कार्य को स्थगित कर दिया है। इसके बाद विकास कार्य जहां के तहां रुक गया है।
वृंदावन में केशीघाट से जुगलघाट तक प्रस्तावित यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना से घाटों को पहुंच रही क्षति और यमुना के हालातों पर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई से पूर्व बुधवार को विकास कार्य रोक दिए गए। सिचाई विभाग के अधिकारियों से ठेकेदार को मिले आदेश के बाद कार्य गुरुवार को भी रुका रहा। हर दिन सैंकड़ों की तादात में मजदूर और यमुना किनारे दर्जनों मशीनों से होने वाला कार्य गुरुवार को भी कार्य नहीं हुआ।
कार्यदायी संस्था चिंचाई विभाग के एक्सईएन एसके गोयल ने बताया कि उन्हें अभी हाई कोर्ट में हुई सुनावाई के निर्णय के बारे में जानकारी नहीं है। हमें जिला प्रशासन के अधिकारियों का आदेश मिला था, इस लिए कार्य रोक दिया गया है।