नगर पंचायती रामलीला कमेटी के तत्वावधान में बुधवार रात श्रीराम विवाह, कैकेयी अंतर्द्वंद्व, कैकेयी-दशरथ संवाद और श्रीराम वन गमन लीला का मंचन किया गया। रासाचार्य स्वामी रामप्रसाद शर्मा के निर्देशन में स्वरूपों ने भावपूर्ण मंचन किया।
रामलीला के सातवें दिन का शुभारंभ महंत हरिबोल महाराज, भागवताचार्य मारुतिनंदन वागीश, भागवताचार्य रामविलास चतुर्वेदी, उदयन शर्मा, केसी पंकज आदि ने राम दरबार की आरती उतारकर किया। मिथिला में राम बरात का भव्य स्वागत किया गया। विवाह संपन्न होने के बाद भगवान राम अयोध्या आ गए।
यहां राम के राज्याभिषेक की बात सुन कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वरदान मांगे। चौदह वर्ष के वनवास की सुन श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन की ओर निकल पडे़। इस अवसर पर बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य बद्रीश, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, राजकुमार सर्राफ, नन्ही गौड़, सत्यम शर्मा, श्रीकांत बौहरे आदि उपस्थित थे।