मथुरा। सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक हुई। इसमें यमुना नदी की सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन और ब्रज की धरोहरों के जीर्णोद्धार पर निर्णय लिए गए।
सीडीओ ने मथुरा-वृंदावन के पार्कों व कुंडों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से सॉलिड वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, ई-वेस्ट, सीएनडी वेस्ट और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की निगरानी और समय-समय पर परीक्षण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिला गंगा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि तहसील गोवर्धन स्थित राधाकुंड और मल्हार कुंड की सफाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। इनमें जलकुंभी निकासी का कार्य भी शुरू किया गया है। समिति इन दोनों स्थलों को आदर्श वॉटर बॉडी के रूप में विकसित कर रही है।
जिला पर्यावरण समिति के सदस्य रामदास चतुर्वेदी ने जनभागीदारी से नगर निगम के पार्कों और ब्रज के तालाबों व कुंडों के विकास का सुझाव दिया। जगन्नाथ पोद्दार ने यमुना नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए मथुरा से वृंदावन तक डिसिल्टिंग कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसपर संबंधित अधिकारी ने आश्वासन दिया। इसके अलावा पेट्रोल पंप संचालकों को वन विभाग से एनओसी लेने के लिए अब 10 पेड़ लगाने होंगे, इसके बाद पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति दी जाएगी। बैठक में डीएफओ वेंकटेस श्रीकर पटेल आदि मौजूद रहे।
यमुना की सफाई में मदद करेंगे नाविक
जिला पर्यावरण समिति के सदस्य मनोज सक्सेना ने यमुना नदी में कूड़ा-करकट की रोकथाम के लिए नाविकों के साथ बैठक आयोजित करने का सुझाव रखा। उन्होंने प्रति नाव एक डस्टबिन रखने के लिए नाविकों को प्रेरित करने की बात कही। सदस्य धीरज कुमार ने ईंट-भट्टों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की, जिस पर क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शासनादेश के अनुरूप एनओसी जारी करने के निर्देश दिए गए।