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यम फांस से मुक्ति को लगाई यमुना में डुबकी

Tue, 01 Nov 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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यमुना घाट
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यमुना के घाटों पर मंगलवार को स्नान के लिए लाखों लोगों का सैलाब उमड़ा। यम की फांस से मुक्ति पाने के लिए भाई-बहनों ने साथ-साथ हाथ पकड़कर यमुना स्नान किया। घाटों पर लघु भारत का नजारा दिखा। देश के विभिन्न राज्यों से लोग पहुंचे। जो भाई या बहन के साथ नहीं आ सके उन्होंने घाटों पर ही धर्म भाई-बहन का रिश्ता बनाया और यमुना स्नान किया।
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प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक यमद्वितीया पर यमुना स्नान का खास महत्व है। कहते हैं कि मथुरा में भाई-बहनों का एकसाथ हाथ पकड़कर किया जाने वाला यमुना स्नान यमराज की फांस से मुक्ति दिलाता है। इसी मान्यता के मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों से आए लोगों ने मंगलवार को यमुना में डुबकी लगाईं। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। बहनों ने भाई को टीका किया और मिठाई खिलाई। बहनों ने यमराज और यमुना मां से भाई की लंबी आयु की कामना भी की।

स्नान के लिए भीड़ का दबाव विश्रामघाट के साथ अन्य स्थानों पर भी देखने को मिला। स्वामीघाट से लेकर बंगालीघाट तक यमुना स्नान करने वालों का हुजूम उमड़ा हुआ था। भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने यमुना पार पहुंचकर भी स्नान किया।
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यमराज, यमुना मंदिर में भक्तों की कतार
यमद्वितीया पर स्नान के बाद भक्तों ने विश्रामघाट स्थित यमराज और यमुना मां के मंदिर में दर्शन किए। दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं। अपनी बारी के लिए लोगों को काफी वक्त तक इंतजार करना पड़ो। भीड़ के दबाव के चलते बच्चे दर्शन नहीं कर पा रहे थे। दर्शन के दौरान बहनों ने भाइयों के लिए मंगलकामना की। 

मथुरा में नजर आया गुजरात
यमद्वितीया स्नान के लिए आए अन्य राज्यों के भक्तों में सबसे अधिक भीड़ गुजरातियों की रही। इसमें भी गुजरात के सौराष्ट्र से आए लोगों की संख्या अधिक रही। गुजरात के अलावा बिहार, मध्यप्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा के लोगों ने भी डुबकी लगाई। 

यमुना से मांगी बहन
बिहार के गया से अपने मित्र और पड़ोसियों के साथ मथुरा आए रामसूरत सिंह ने यमद्वितीया पर यमुना स्नान करते हुए यमुना मैया से बहन मांगी। परिवार में अकेले रामसूरत को यहां बिंद्रा देवी ने अपना भाई मान लिया। दोनों ने यमुना में एक-दूसरे का हाथ पकड़कर डुबकी लगाई।

स्नान से पहले बनाया धर्म भाई
यम की फांस से मुक्ति की कामना के साथ आने वाले अनेक लोग बहन न होने पर अपने धर्म भाई-बहन का नाता भी यहां जोड़ते हैं। राजकोट से आईं स्मिता बेन ने हरिदास चतुर्वेदी को अपना धर्म भाई बनाया। गुजरात के जामनगर से आईं तीन बहनों ने स्थानीय पुरोहित समाज के गणेश और गजेंद्र चौबे से भाई का नाता जोड़ते हुए यमुना स्नान किया।

धर्म भाई का बंधन निभा रहे बिंद्रा और जितेंद्र
कभी वृंदावन दर्शन को आईं अमृतसर निवासी बिंद्रादेवी ने वृंदावन के धर्म भाई जितेंद्र कृष्ण दास से ऐसा नाता जोड़ा है कि वह हर बार यहां यमद्वितीया पर यमुना स्नान के लिए पहुंचती हैं। धर्म भाई जितेंद्र के साथ यमुना में डुबकी लगाते हुए उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं।

छह बहनों के साथ अकोला से आए मोहन लाल
यमद्वितीया पर स्नान के लिए आए महाराष्ट्र के अकोला निवासी मोहनलाल भट्ल ने अपनी छह बहनों के साथ यमुना में डुबकी लगाई है। वह पहली बार इस पर्व पर मथुरा आए हैं। सभी बहनों ने एकसाथ मिलकर अपने भाई की लंबी आयु की कामना करते हुए यहां पूजा-अर्चना की।
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