मथुरा। बिना मास्क और फेसकवर के बस दौड़ाई तो आर्थिक दंड भुगतना पड़ेगा। बावजूद फिर भी नहीं सुधरे तो मथुरा से तबादले की सिफारिश का दंश झेलना पड़ेगा या फिर संविदा से हाथ भी धोना पड़ सकता है। इस प्रकार का सख्त संदेश एआरएम ने रोडवेज के चालक और परिचालकों को दिए हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते हर कोई एहतियात बरत रहा है, पर रोडवेज के चालक और परिचालक गंभीर नहीं लग रहे हैं। ऐसे चालक और परिचालकों पर सख्ती करना मथुरा डिपो के एआरएम ने शुरू कर दिया है। एआरएम ने स्पष्ट तौर पर चालक और परिचालकों को हिदायत दी है कि हर हाल में बस चलाने से पहले मास्क और फेसकवर जरूर पहनें।
इससे यह है कि महामारी से बचाव होगा, वहीं दूसरों को भी एक अच्छा मैसेज जाएगा। एआरएम विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि बिना मास्क और फेसकवर के बस दौड़ाने वाले चालक और परिचालक पर पहली बार में 200 रुपये का दंड देना होगा। न माने तो दूसरी बार में 500 रुपये का दंड लगाया जाएगा। तीसरी बार में रोडवेज के चालक और परिचालक के तबादले की सिफारिश की जाएगी, वहीं संविदा चालक और परिचालक पर भी गाज गिरेगी।
चार चालक-परिचालकों पर लगा आर्थिक दंड
मथुरा। डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने मंगलवार को करीब चार चालक और परिचालकों को बिना मास्क के बस दौड़ाते हुए पकड़ा था। इन चालक और परिचालकों पर एआरएम विनोद कुमार शुक्ला ने 200-200 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।