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Mathura News: किसने मिट्टी उठाने की दी अनुमति...कैसे मिली

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मथुरा। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे विधायक श्रीकांत शर्मा।  - फोटो : mathura
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मथुरा। हादसा होने के बाद जिले के आला अफसर समेत कई थानों का पुलिस फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी दिनभर बचाव कार्य में जुटे रहे। छह जेसीबी मशीनों की मदद से रविवार रात तक एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी बचाव कार्य में जुटी रही हैं। हालांकि सफलता हासिल नहीं हुई। वहीं विधायक श्रीकांत शर्मा ने भी सीएम योगी से उच्च स्तरीय जांच कराने का वादा किया है। साथ ही कहा है कि किसने मिट्टी उठाने की अनुमति दी इसकी गहनता से जांच होगी।
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जनप्रतिनिधियों का दिनभर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि बहुत दुखद घटना है। मृतक परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। इसमें मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग करूंगा। स्थानीय लोगों ने बताया है कि कोई माफिया यहां काम करता है। कौन लोग हैं ये, किसने मिट्टी उठाने की अनुमति दी और कैसे मिली। इन सभी बिंदुओं पर गहना से जांच होगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
घटना की सूचना मिलने पर महापौर विनोद अग्रवाल और भाजपा महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव भी मौके पर पहुंचे। इससे पहले डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार भी बचाव कार्य में जुुटे रहे। इधर, सफलता नहीं मिलने पर डीएम ने बाहर से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बुलाई। इसके बाद इटावा से एसडीआरएफ और गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम रविवार शाम को मौके पर पहुंची। टीमें देर रात तक छह जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश करती रहीं, लेकिन इसके बाद भी सफलता हासिल नहीं हुई। हालांकि डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया है कि फिलहाल किसी के दबे होने की कोई जानकारी नहीं है। जेसीबी चालक ने भी पूछताछ में साफ-साफ इन्कार किया है। कहा है कि टीला ढहने के दौरान मजदूर काम छोड़कर भाग गए थे।
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कई थानों का पुलिस फोर्स रहा मौजूद
बचाव टीमों के साथ-साथ मौके पर दर्जनों एंबुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं। साथ ही गोविंद नगर, सदर बाजार, कोतवाली समेत कई थानों का पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी बचाव कार्य में जुटे रहे। इधर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार यादव ने कच्ची सड़कें के दोनों तरफ बैरियर लगा दिए। ताकि रोड पर जाम की स्थिति न बन जाए।

-दिनभर मकान की छतों पर खड़े होकर देखते रहे लोग
हादसे के बाद आसपास के लोग दिनभर अपनी-अपनी छतों पर खड़े रहे। वहीं रोड पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि मौजूद पुलिस कर्मियों ने भीड़ को संभाला। देर रात तक यह सिलसिला जारी है। पुलिस की सख्ती के बाद भीड़ को इधर-उधर किया गया।
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