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स्टीयरिंग सही करते वक्त आगे बढ़ी जेनर्म बस, पेड़ के बीच फंसकर मैकेनिक की मौत

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मथुरा। रोडवेज वर्कशॉप में जेनर्म बस की स्टीयरिंग सही करते वक्त बस के आगे बढ़ जाने से मैकेनिक की मौत हो गई और चालक घायल हो गया। वह पेड़ और बस के बीच में फंस गया था। चालक को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। मैकेनिक के शव को किसी तरह निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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थाना बरसाना के गांव संकेत निवासी योगेश (30) श्यामा श्याम कंपनी दिल्ली में मैकेनिक था। कंपनी पिछले 12 सालों से जेनर्म की बसों का रखरखाव करती है। शनिवार को जेनर्म की बस की खराब स्टीयरिंग को दुरुस्त करने के लिए कंपनी ने योगेश को भेजा। बस ढलान पर खड़ी थी। वह पेड़ से सटाकर बस की स्टीयरिंग को सही कर रहा था। इसी दौरान अचानक बस आगे बढ़ गई। इससे वह पेड़ और बस के बीच में फंस गया।
बस चालक राकेश निवासी लक्ष्मीनगर जमुनापार भी घायल हो गया। शोर सुनकर वर्कशॉप में कार्य कर रहे कर्मचारियों में खलबली मच गई। दोनों को निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने मैकेनिक को मृत घोषित कर दिया। चालक का इलाज चल रहा है। यह खबर मैकेनिक के परिवार तक पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजन वर्कशॉप पहुंच गए। परिजन कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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12 साल से कंपनी कर रही बसों का रखरखाव
मथुरा-वृंदावन में साल 2010 से जेनर्म बसों का संचालन हो रहा है। इन बसों की रख रखाव की जिम्मेदारी श्यामा श्याम कंपनी कर रही है। पिछले 12 सालों से कंपनी के रख रखाव के चलते लापरवाही सामने आती रही हैं। वर्कशॉप के एक कर्मचारी ने बताया कि हादसे आए दिन होते रहते हैं, पर अबकी बार हादसे में कंपनी के कर्मचारी की मौत होना बड़ा दुखदायी है।
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जेनर्म और कंपनी के अफसर पल्ला झाड़ते दिखे
वर्कशॉप में मैकेनिक की मौत के बाद जेनर्म के अफसर और कंपनी के अधिकारी बचाव करते नजर आए। कोई अपने को बाहर होना बता रहा दिखा तो कोई जानकारी का अभाव दिखाकर अपना पल्ला झड़ता दिखा। हालांकि अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
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मृतक के दो बेटे, रो-रोकर बुरा हाल
योगेश के दो बेटे हैं। 9 साल का कपिल है तो उससे छोटा 7 साल सुमित है। दोनों बेटे और पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उसके तहेरे भाई मनीष का कहना है कि 12 साल से कंपनी में उनका भाई कार्यरत है। मनीष कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोतवाली में तहरीर दे दी है।
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मैकेनिक के परिवार को देंगे हर मदद-कौशल
पिछले 12 साल से योगेश कंपनी में कार्यरत है। इतने ही साल से जेनर्म बसों का रखरखाव कंपनी कर रही है। कंपनी के कर्मचारियों का बीमा है और फंड आदि कटते हैं। परिवार को हर मदद दी जाएगी।
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-कौशल कुमार, मैनेजर, श्यामा श्याम कंपनी, दिल्ली कश्मीरी गेट
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