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Mathura News: गेहूं खरीद पटरी पर नहीं आ पा रही

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मथुरा। प्रशासन की तमाम कोशिश के बाद भी जिले में सरकारी गेहूं खरीद की गाड़ी पटरी पर नहीं आ पा रही है। 30 मार्च से शुरू होने वाली खरीद प्रक्रिया एक सप्ताह बाद भी कांटों और बारदाने के फेर में उलझी हुई है। रविवार को गेहूं क्रय केंद्रों पर अवकाश होने के चलते खरीद नहीं सकी लेकिन कर्मचारी कांटे, बारदाने आदि की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते दिखे।
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केंद्रों पर इंतजाम न होने से निराश किसान मंडियों में आढ़तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2586 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जबकि बाजार में किसान को 2250 से 2350 रुपए क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों पर पंजीकरण तो कभी फसल बेचने के बाद भुगतान की समस्या से जूझना पड़ता है। मंडी स्थित खाद्य विभाग के केंद्रों पर बारदाने का संकट है। नए सत्र का बारदाना अभी तक केंद्र पर नहीं पहुंचा है। विभाग पिछले साल के बचे बारदाने के सहारे खरीद कर रहा है। यह स्टॉक भी खत्म होने के कगार पर है। किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों पर तो पहुंच रहे हैं लेकिन घंटों इंतजार और संसाधनों की कमी देख आढ़त पर ही गेहूं बेचना बेहतर समझ रहे हैं।


अब तक जिले में 122 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। पिछले वर्ष के बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। नए सत्र के बारदाने की खेप जल्द ही सभी केंद्रों पर उपलब्ध करा दी जाएगी। - संतोष कुमार द्विवेदी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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ये बोले किसान

सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद कर डाल दिया जाता है। कई दिन परेशान होना पड़ता है। इसलिए हम इस बार गेहूं सीधा आढ़त पर ही बेच रहे हैं। - बीदा शर्मा, गांव भुड़रसाल फरह, किसान
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30 मार्च से गेहूं की खरीद होनी थी, केंद्र पर पता किया तो बताया कि अभी खरीद शुरू नहीं हुई है। इसलिए मंडी में ही गेहूं बेचना पड़ रहा है।
- रवि कुमार, गांव माल, किसान
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