मथुरा। ब्रजरज उत्सव में मंगलवार को भक्ति के स्वरों के साथ अद्भुत आनंद की वर्षा हुई। मिश्र बंधु के भजनों पर दर्शक झूम उठे। भक्ति की इस महफिल में जो पहुंचा वहीं भाव विभोर हो रहा था। हर किसी के कदम थिरकने लगे।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में धौलीप्याऊ स्थित रेलवे मैदान पर ब्रजरज उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव के आठवें दिन मिश्र बंधु की भजन संध्या हुई। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि पर मिश्र बंधु ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम पर भी भजन प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने रामकृष्ण के साथ जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी भजन प्रस्तुत करते हुए ब्रज रज उत्सव में समा बांध दिया।
शुरुआत उन्होंने राधे के भजन से की, ऐसा क्या काम किया हमने तेरा जो मेरा हाथ तूने थाम लिया, हमने आंगन नहीं बुहारा चंचल मन को नहीं संवारा कैसे आएंगे भगवान आदि भजनों पर लोगों ने मिश्रा बंधु के साथ जमकर स्वर मिलाए। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति में कन्हैया लाल चतुर्वेदी का ध्रुपद गायन व हवेली संगीत सराहनीय रहा। उभरती हुई गायिका के रूप में प्रसिद्धि पा रहीं नम्रता सिंह के भजन की प्रस्तुतियां लाजवाब थीं।
उन्होंने हर तरफ हर जगह, हर कहीं पर, जो प्रेम गली में आए नहीं, दो नैना घनश्याम के कटीले है कटार से, हे शिव शंभू स्वरचित भजन सहित अनेक प्रस्तुति दीं। इसी मंच पर जेएसआर मधुकर ने जय राधे जय कृष्ण जय वृंदावन, राधे किशोरी दया करो, कहां छुपे कहां खड़े हो गोवर्धन धारी आदि सूफियाना भजनों की प्रस्तुति से माहौल में और चार चांद लगा दिए।