मथुरा। कोसीकलां में प्याऊ के बाद पड़े प्लास्टिक के गिलास।
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कोसीकलां (मथुरा)। गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर पुण्य के लिए कोसी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्याऊ लगाई गईं, लेकिन शरबत के लिए प्लास्टिक के गिलास इस्तेमाल किए गए, जो सड़कों और नालियों में फेंक दिए गए। ईको फ्रेंडली कागज के गिलास की जगह ज्यादातर सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने प्लास्टिक के गिलास ही प्रयोग किए, जिनका कचरा सड़क पर दिखा।
गंगा दशहरा और एकादशी पर 50 से ज्यादा प्याऊ लगाई गईं। शेरगढ़ रोड, पुरानी जीटी रोड, गोपाल बाग, नंदगांव रोड, बस स्टैंड, रेलवे रोड, बठैन रोड आदि कॉलोनियों और सड़कों पर मीठे पानी की प्याऊ लगाई गई। इनमें अधिकांश प्लास्टिक के गिलास प्रयोग किए गए।
जुर्माने का कोई असर नहीं : सिंगल यूज पॉलिथीन और प्लास्टिक गिलास पर लगातार कार्रवाई की, लेकिन जुर्माना और प्लास्टिक जब्त करने का असर नजर नहीं आया। ईओ निहाल सिंह ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। लोगों को सोच बदलनी होगी। प्लास्टिक के गिलास कोई खरीदेगा ही नहीं तो दुकानदार क्यों बेचेंगे।