मथुरा। वार्ड 26 के लोग निगम से जुड़ने के बाद भी ग्रामीण जीवन ही जी रहे हैं। वार्ड में लगे हैंडपंपों से दिन रात पानी खींचना ही उनकी दिनचर्या हो गई है। रात को अंधेरा हो या दिन का उजाला मजदूर और उनके परिवार हैंडपंपों से पानी खींचते मिल जाएंगे। अभी तक क्षेत्र में सिर्फ एक ही सबमर्सिबल लग सकी है।
औरंगाबाद द्वितीय के नाम से यह वार्ड मलिन बस्तियों के वार्ड के ही नाम से जाना जाता है। इस वार्ड में सर्वाधिक यही बस्तियां हैं। जिसके चलते यहां पर पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वार्ड में डिफेंस कॉलोनी, शक्तिधाम, भगवतीपुरम, इंदुपुरम दीपपुरम, रामवीर नगर प्रह्ललाद सिटी, दुर्गा बिहार आदि कॉलोनियों में भी पानी की समस्या बनी हुई है।
सर्वाधिक पानी की समस्या इंदुपुरम क्षेत्र में है। यहां पर कुल 20 हैंडपंप हैं, जिनमें से छह खराब पड़े हैं तो 14 हैंडपंप सही हैं। अधिकतर लोग इन्हीं से पानी भरते हैं। एक सबमर्सिबल लगी हुई है लेकिन अभी तक पाइप लाइन डालने का काम पूरा नहीं हो सका है इसलिए अभी तक घरों में कनेक्शन भी नहीं हैं।
लोग बोले, हमारे भाग्य में सिर्फ हैंडपंप ही आया
हम बहुत दुखी हैं। कहते हैं सरकार सभी को घर-घर पानी देगी पर हमारे भाग्य में सिर्फ हैंडपंप ही आया है। हमारी उम्र करीब 70 साल की हो गई। ऐेसे में पानी खींचकर लाने में काफी परेशानी होती है।
- लच्छो कोली
इससे अच्छी तो ग्राम पंचायत थी। कम से कम काम तो होते थे। नगर निगम बनने के बाद क्षेत्र में पानी के लिए एक कनेक्शन तक नहीं लग पाया है। इससे लोग कुपित हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये पेयजल के लिए सरकार से आए तो फिर वह कहां लग गए।
- हरीबाबू माहौर, पूर्व प्रधान
कोई ठेले लगाता है तो कोई फैक्टरी में काम करता है तो कोई मकान बनाने वाला मिस्त्री। सब लोगों के लिए पहली चिंता होती है पानी। दिन रात पानी भरने के बाद फिर कोई दूसरा काम करता है।
- ओमवती प्रजापति
छह हैंडपंप, दो सबमर्सिबल की मांग की
वार्ड में अधिकतर लोग हैंडपंप से ही पानी भरते हैं। हमने खराब पड़े छह और हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए लिखा है तथा दो सबमर्सिबल के लिए भी निगम के अधिकारियों को डिमांड दी थी।
- कमला माहौर, पार्षद
हैंडपंप जल्द ठीक होंगे
हम जल्द से खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही एक सबमर्सिबल के अलावा अन्य एक और सबमर्सिबल लगवा दी है। जोकि जल्द ही चालू हो जाएगी।
- राधेश्याम, एई जलकल