मथुरा। नगर निगम के वार्ड 27 में लोगों तक गंगाजल की एक बूंद नहीं पहुंच पा रही है। खारे पानी की समस्या से त्रस्त इस क्षेत्र के लोग पीने का पानी खरीदकर पीने को बाध्य हैं। वैरागपुरा-रानी की मंडी में पीने का पानी की मांग करते हुए लोग परेशान हो गए हैं। लोगों का कहना है कि मंत्री से लेकर अफसरों तक गुहार लगाई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नगर निगम सबको गंगाजल का ख्वाब दिखा रहा है लेकिन सच यह है अभी तक निगम पुराने शहर में भी गंगाजल नहीं दे पा रहा है। जहां पर गंगाजल पहुंच भी गया है तो वहां उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि लोग उसे पानी के रूप में प्रयोग नहीं कर रहे हैं। शहर के वार्ड 27 की मलिन बस्ती के रूप में जानी जाने वाली रानी की मंडी को जाने कब सेे गंगाजल का इंतजार है।
इस क्षेत्र के रहने वालों को मीठे पानी के लिए गुहार करते-करते वर्षों बीत गए लेकिन पानी नहीं आ सका। इसके चलते लोग अब आंदोलन का बिगुल बजाने लगे हैं। रानी की मंडी में पानी तो है पर ऐसा कि इसे लोग पी नहीं पा रहे हैं। पार्षद द्वारा कई दफा निगम से कहा गया है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं होता।
लोग बोले, खरीदकर पीते हैं पानी
हमें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई दफा हम इसे खरीदकर पीते हैं तो कई बार इधर-उधर से इंतजाम करते हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- रनिया
अगर हमें कोई पीने का पानी उपलब्ध कराए तो हम उसका स्वागत करेंगे। हमें कई दशक से पीने का पानी पाइप लाइन के माध्यम से नहीं मिला है।
- गोपाल
हम परेशान हो गए हैं। खारे पानी की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। इसके चलते हम लोगों के शरीर में कई प्रकार के रोग हो गए हैं।
- मुकुल रुहेला
आरओ प्लांट की आवश्यकता
रानी की मंडी में आरओ प्लांट की आवश्यकता है ताकि जमीन से निकले खारे पानी को पीने योग्य बनाया जा सके। इसके लिए नगर आयुक्त को आरओ वाटर प्लांट के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। जबकि ऊर्जा मंत्री ने इस संबंध में सहमति दे दी है।
- दीपक गोला पार्षद वार्ड 27
खुले में ट्यूबवेल बना असामाजिक तत्वों का अड्डा
रानी की मंडी में एक ट्यूबवेल नगर निगम द्वारा लगाया हुआ है। इससे खारे पानी की आपूर्ति लोगों को की जाती है, लेकिन निगम द्वारा इसकी कोठरी तैयार नहीं की है। खुले में लगे ट्यूबवेल को असामाजिक तत्व कभी भी खराब कर जाते हैं। यहां पर शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमघट लगने लगता है।