नगर निगम को लेकर स्थितियां निरंतर बदल रही हैं। नौ जनवरी को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का प्रस्ताव भेजने के बाद अब वृंदावन को अलग रखते हुए नया प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इसमें मथुरा नगर निगम और वृंदावन ‘ए’ ग्रेड पालिका बनाने की प्लानिंग है।
अब तक शासन और जिला प्रशासन मथुरा-वृंदावन नगर निगम बनाने की प्लानिंग पर काम कर रहा था। इसके लिए शासन के आदेश पर मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाओं के साथ आसपास के 51 गांव को जोड़कर मथुरा-वृंदावन नगर निगम की अधिसूचना कमिश्नर आगरा को भेजी गई।
अब संशोधन में मथुरा को नगर निगम के लिए प्रस्तावित करने की तैयारी है। इसमें मथुरा नगर पालिका से जुड़ी 44 ग्राम पंचायतें इसका हिस्सा बनाई जा रही हैं, जबकि वृंदावन को ‘ए’ ग्रेड की पालिका करने का प्रस्ताव है। इसमें 12 ग्राम पंचायत और वृंदावन पालिका के साथ जोड़ दी जाएंगी। इस तरह नौ जनवरी को भेजी गई मथुरा-वृंदावन नगर निगम की अधिसूचना व्यर्थ हो जाएगी।
कहीं ठंडे बस्ते में न चला जाए प्रस्ताव
शासन मथुरा को हर हाल में नगर निगम बनाने का इच्छुक है, लेकिन वृंदावन से उठते विरोध का भी सामना करने को तैयार नहीं है। इसी कारण नगर निगम को लेकर निरंतर स्थितियां बदल रही हैं। इस तरह बदलते घटनाक्रम को लेकर लोगों को यह भी शंका होने लगी है कि कहीं इसके चलते नगर निगम का प्रस्ताव ही ठंडे बस्ते में न चला जाए। हालांकि आगामी विकास की योजनाओं के मद्दे नजर मथुरा को नगर निगम बनाना आवश्यक हो गया है।
वृंदावन के लोगों की इच्छा के अनुरूप वृंदावन नगर पालिका को ‘ए’ ग्रेड और मथुरा को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव 13 जनवरी को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिया था। मुख्यमंत्री ने इसी के अनुरूप आदेश जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए थे, जो अब मथुरा प्रशासन तक पहुंच चुके हैं।
- प्रदीप माथुर, विधायक