ठगी के नए तरीके
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि ठग गलत मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप के जरिये श्रद्धालुओं को विश्वास में लेकर बुकिंग कन्फर्मेशन के नाम पर फर्जी रसीद भेज रहे हैं। कई मामलों में श्रद्धालु जब वृंदावन पहुंचते हैं तो उन्हें पता चला कि आश्रम में कोई बुकिंग नहीं हुई है और संबंधित नंबर भी बंद है। साइबर ठगों से बचने के लिए खुद ही सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी पर आंखें मूंदकर विश्वास नहीं करें। किसी ही सोशल साइट्स पर विज्ञापन देखकर एकदम आकर्षित होने से ठगी के चांस भी बढ़ जाते हैं।
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