उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के छात्रों ने अब राजभवन का द्वार खटखटाया है। डिप्लोमा कोर्सेज के छात्रों ने राज्यपाल के माध्यम से प्रदेश सरकार से कोर्स की नीति निर्धारण की गुहार लगाई है।
प्रदेश के एक मात्र वेटरनेरी विश्वविद्यालय ने तीन साल पहले शासन की सिफारिश पर डिप्लोमा कोर्सेज की शुरूआत की थी। यह कोर्स फार्मासिस्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी के पद और पशु चिकित्सा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के अनुरूप शुरू किए गए। लेकिन, डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद अब छात्र परेशान नजर आ रहे हैं।
उनका कहना है कि वेटरनेरी फार्मासिस्ट और पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर नियुक्ति के संदर्भ में शासन ने अब तक कोई बदलाव नहीं किया है। वर्तमान में भी इन दोनों पदों पर नियुक्ति की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट ही है। इसके अलावा पशु चिकित्सा और मेडिकल स्टोर खालने के लिए भी शासन ने अब तक कोई रजिस्ट्रेशन नीति नहीं बनाई है।
इन स्थितियों को लेकर वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के डिप्लोमा छात्र विनोद कुमार यादव, संजय कुमार सिंह और कुलदीप सिंह ने लखनऊ पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। उन्हें अपनी इस समस्या से अवगत कराते हुए उपरोक्त पदों के लिए डिप्लोमा की अनिवार्यता और रजिस्ट्रेशन नीति बनवाने की गुहार लगाई।