मथुरा। पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (वेटरनेरी विवि) ने बीते नौ महीनों में कई क्षेत्रों में प्रगति की है। कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र ने शुक्रवार को उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड तीन गुना बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया है। साथ ही अवसंरचना विकास के लिए कुल 62.81 करोड़ रुपये की भी स्वीकृत मिली है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया। साथ ही कहा कि यह पहली बार होगा विवि ने प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए छात्रों को ओएमआर शीट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
विवि परिसर में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि विवि अब पशु चिकित्सा फार्मेसी और पशु चिकित्सा विस्तार डिप्लोमा के लिए संबद्धता प्रदान करेगा। नियमावली राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित की गई है। 22 संस्थानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें से पांच ने शुल्क जमा कर दिया है। यह प्रक्रिया शुक्रवार से औपचारिक रूप से शुरू की जा रही है। व्यावहारिक विशेषज्ञों को शिक्षण से जोड़ने के लिए प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना शुरू की गई है। इसके तहत पांच पदों का प्रस्ताव कार्यकारी परिषद के समक्ष रखा जाएगा। खरीद प्रणाली में सुधार के लिए ई-टेंडरिंग और केंद्रीकृत खरीद लागू की गई है। विवि 132 एकड़ भूमि पर वर्षभर चारा उत्पादन की पहल भी कर रहा है।
छात्र कल्याण और शोध पर जोर
कुलपति ने बताया कि छात्रों के लिए सहकारी मेस वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होगा। छात्रावासों का नवीनीकरण और जल शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित की जा रही है। चार लाख रुपये की लागत से खेल उपकरण खरीदे गए हैं। शोध और नवाचार के क्षेत्र में मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित की गई है। बनास डेयरी, गुजरात के साथ 15 फरवरी 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने शोध एवं संकाय उत्कृष्टता पुरस्कार भी शुरू किए हैं।