फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपड़ों की रंगाई में प्रयोग होता मिला अन्नदाता का यूरिया

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। जिला कृषि अधिकारी ने छाता क्षेत्र की कपड़े पर रंगाई करने वाले वाली जैन कार्ड इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। यहां कपड़ों की रंगाई में प्रयोग हो रहीं 70 बोरी अनुदानित यूरिया पकड़ीं। फैक्टरी में सप्लाई करने वाली एक दुकान पर छापा मारकर अनुदानित यूरिया की दो बोरियां भी पकड़ीं।
विज्ञापन

सुबह करीब 11 बजे जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह टीम के साथ छाता और कोसीकला पुलिस को लेकर पहुंचे। फैक्टरी में पहुंचते ही वहां पर मौजूद संचालक और कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम ने फैक्टरी में रंगाई में प्रयोग की जा रहीं अनुदानित यूरिया की 70 बोरी पकड़ीं। इन्हें सील कर दिया गया।
फैक्टरी मालिक अंकुर जैन निवासी गुड़गांव से भी पूछताछ की। टीम ने कोसीकला स्थित अग्रवाल खाद भंडार पर भी छापामार कार्रवाई की। वहां पर अनुदानित यूरिया की दो बोरी भी मिलीं। इसके कागजात दुकान मालिक नहीं दिखा सके। दोनों बोरियों को दुकान मालिक हरीश अग्रवाल के सुपुर्द कर दिया। विभाग ने डीएम को फैक्टरी मालिक के खिलाफ एफआईआर के लिए लिखा है।
विज्ञापन

1500 कीमत, 266 में मिलता है
दरअसल, किसानों को अनुदानित यूरिया की 45 किलो की बोरी लगभग 1500 रुपये की है। लेकिन सरकार की ओर से इसे किसानों को अनुदान के रूप में मात्र 266 रुपये में ही दिया जाता है। जो यूरिया गरीब किसानों को मिलना चाहिए था उस यूरिया का प्रयोग चंदौरी रोड स्थित जैन कार्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड दौताना रोड छाता में होता मिला।
फैक्टरी में 45 टैक्नीकल ग्रेड का यूरिया होता है प्रयोग
फैक्टरियों में जिस यूरिया का प्रयोग किया जाता है, वह महंगा यूरिया 45 टैक्नीकल ग्रेड होता है। सस्ता यूरिया प्रयोग करने के चक्कर में फैक्टरी मालिक अनुदानित यूरिया का प्रयोग करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें