मथुरा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का काउंटडाउन खत्म हो गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही कक्षाओं की परीक्षा का आगाज सोमवार से हो रहा है। परीक्षा संबंधी सभी तैयारियां विभाग ने पूरी कर ली हैं। रविवार को डीआईओएस रविंद्र सिंह ने कई केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिले में 120 केंद्रों पर सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षाओं का आयोजन होगा। हर एक परीक्षा कक्ष में वाॅयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी लगवाए गए हैं। परीक्षाएं 12 मार्च तक चलेंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडियेट दोनों ही कक्षाओं में 72,450 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पहले दिन हाईस्कूल व इंटर की हिंदी विषय की परीक्षा होगी। परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित होंगी, जिसमें हाईस्कूल की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और बारहवीं की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक होगी।
परीक्षाओं को नकलविहीन आयोजित कराने के लिए छह सचल दल बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर निगरानी रखेंगे। डीआईओएस ने विद्यार्थियों को किसी भी तरह के असमंजस से बचने के लिए परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। वीडीपी राजकीय इंटर कॉलेज में स्थापित कंट्रोल रूम के साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर लखनऊ से भी नजर रखी जाएगी।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर रहेगी विशेष नजर
नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए बोर्ड ने इस बार भी विशेष तैयारी की है। संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों के फोन नंबर सर्विलांस पर रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे। 20 संवेदनशील और 25 अतिसंवेदनशील केंद्रों की सूची बोर्ड कार्यालय के साथ ही एलआईयू को सौंप दी गई है। इन केंद्रों की निगरानी एसटीएफ की टीम की भी करेगी। जो पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र पर तैनात होंगे। उनमें से ही एक पुलिसकर्मी उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए विद्यालय के कर्मचारी के साथ जाएगा।
आंकड़ों पर एक नजर
परीक्षा केंद्र : 10 राजकीय विद्यालय, 73 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और 37 वित्तविहीन विद्यालय।
पंजीकृत विद्यार्थी : हाईस्कूल में 34,972 और इंटरमीडिएट में 37,478 विद्यार्थी पंजीकृत।
तैनाती : परीक्षा के लिए 5 जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 120 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 120 केंद्र व्यवस्थापक और 120 बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की लगाई ड्यूटी।