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UP: ताऊ ने बेटों संग लाठियों से पीटा था भतीजा...मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क पर शव रखकर लगाया जाम

Sat, 11 Oct 2025 09:18 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस मामले में ताऊ और उसके तीन बेटों सहित छह लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है।
 
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हंगामा करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा में राधाकुंड के नगला सांखी में जमीन के विवाद में ताऊ और उसके बेटों ने छोटे भाई के बेटे अवनीश (22) को लाठियों से बुरी तरह पीटा था। एक पखवाड़े तक चले इलाज के बाद शनिवार को उसकी मौत हो गई। जानलेवा हमले के आरोपियों का पुलिस ने महज शांतिभंग में चालान किया। उसकी मौत के बाद पुलिस की लापरवाही पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने राधाकुंड-छटीकरा रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही से घर का चिराग बुझ गया और आरोपी खुलेआम घूमते रहे। लोगों का गुस्सा देखकर पुलिस के होश उड़ गए। छह लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बाद ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हुए।
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नगला सांखी के रहने वाले सुरेशचंद्र किसान हैं। उनके तीन बेटों में बड़े बेटे विपिन का पुलिस आरक्षी में चयन हुआ है। वह ट्रेनिंग कर रहा है। दूसरा बेटा अवनीश था। परिजनों ने बताया कि उनका जमीन को लेकर ताऊ रमेश से विवाद चल रहा है। रमेश प्रापर्टी डीलर है। इसी विवाद में 26 सितंबर को रमेश ने अपने बेटों लवकेश, सर्वेश, परवेश और अन्य के साथ मिलकर अवनीश को घेर कर लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा था। वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल अवनीश को पुलिस ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज नहीं किया। 

आरोपियों पर महज शांतिभंग में कार्रवाई की गई। तभी से परिजन अवनीश का उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की देर शाम अवनीश की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर परिजन राधाकुंड लेकर पहुंचे। पुलिस की लापरवाही पर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राधाकुंड-छटीकरा मार्ग पर शव को रख कर जाम लगा दिया। 
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परिजन का कहना था कि अगर पुलिस ने गंभीर चोटों के बाद भी आरोपियों को छोड़ दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ अनिल कुमार ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के बाद गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस मामले में ताऊ और उसके तीन बेटों सहित छह लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि हमलावरों की तलाश की जा रही है।

 
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सीआईएसएफ में जाने की तैयारी कर रहा था अवनीश, परिजन बेहाल
पिता ने बताया कि अवनीश फौज में जाना चाहता था। वह सीआईएसएफ की तैयारी कर रहा था। रोजाना दौड़ लगाने जाता था। बड़े भाई के लड़के उससे रंजिश मानने लगे थे। बजड़े बेटे विपिन का पुलिस में चयन होने से उनकी जलन और बढ़ गई थी। इसी खुन्नस में उन्होंने होनहार की जान ले ली। उनके अरमान अधूरे रह गए। अवनीश की मौत से मां सदमे में आ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण किसी तरह परिजनों को संभाल रहे थे।

देहात में पुलिस निष्क्रिय, सप्ताह में दूसरी घटना
ग्रामीण अंचल में पुलिस की लचर कार्रवाई से पीड़ित एक सप्ताह के भीतर दूसरी मौत है। इसके पहले बलदेव के गांव नेरा के रहने वाले दीपक ने पुलिस की लचर कार्रवाई से परेशान होकर फंदे पर लटक कर जान दे दी थी। दीपक की दो माह पहले बाइक चोरी हो गई थी। लेकिन बरौली चौकी प्रभारी ने पहले तो रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की। बाद में तीन युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। तीनों दीपक को धमका रहे थे। इसी से आहत होकर उसने जान दे दी। अभी तक चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इसी तरह की नायाब पुलिसिंग का नमूना राधाकुंड के नगला सांखी में देखने को मिला। भतीजे को मरणासन्न करने वाले ताऊ और उसके बेटों का महज शांति भंग में चालान किया गया, जबकि उसके गंभीर चोटें थीं। जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया जाना था। यही कारण है कि एसएसपी के पास सबसे ज्यादा देहात से फरियादी पहुंच रहे हैं।

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