मथुरा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा की अदालत ने शनिवार को यात्रियों से लूटपाट करने वाले दो लुटेरों को 4-4 साल की सजा और 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। घटना के 22 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।
हरियाणा के फरीदाबाद सेक्टर-16 निवासी अरुण कुमार कनौजिया 9 मार्च 2003 को जीटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान कोसीकलां रेलवे स्टेशन निकलने के बाद चार बदमाश जनरल कोच में सवार यात्रियों से असलहा के बल पर लूटपाट करने लगे। ट्रेन जैसी ही छाता रेलवे स्टेशन के निकट पहुंची तो बदमाशों ने चेनपुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और कूद कर जंगल में भाग गए थे। अरुण कुमार कनौजिया ने इस मामले की रिपोर्ट जीआरपी थाने में चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
इस मामले में जीआरपी पुलिस ने हरियाणा के जिला पलवल थाना होडल क्षेत्र के श्याम कॉलोनी निवासी राजू उर्फ संजय, कोसीकलां कस्बा के मीना नगर निवासी पप्पू गिरफ्तार किया था। लुटेरों के खिलाफ जीआरपी पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान तमाम साक्ष्य व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया है। वहीं लूट में शामिल विजेंद्र ने पूर्व में अदालत में अपने जुर्म का कबूल लिया था। तब अदालत ने उसे दो वर्ष के करावास से दंडित किया था। वहीं विक्रम की मौत हो गई।