मथुरा। जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : mathura
मथुरा के नौहझील ब्लॉक के गांव नावली और शहद गढ़ी में बुखार से पीड़ित युवक की मंगलवार को मौत हो गई। जबकि नावली में 26 सितंबर को बुखार आने के कारण किसान की मौत हुई थी। दोनों के परिजन ने मौत का कारण बुखार आना और प्लेटलेट्स कम होना बताया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक की मौत शुगर की बीमारी के कारण होना तथा दूसरे की डेंगू से मौत होने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर बुखार से दो मौतों की सूचना पर ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
साउंड सिस्टम का कार्य करने वाले गांव शहदगढ़ी निवासी नेत्रपाल शर्मा (45) को 18 अक्तूबर (धनतेरस) को उल्टी, दस्त की शिकायत हुई और बुखार आ गया। परिजन उन्हें सुरीर के एक चिकित्सक के पास ले गए। यहां डॉक्टर ने प्लेटलेट्स गिरने की बात कही। हालत में सुधार न होने पर उन्हें आगरा के एक निजी अस्पताल, मथुरा के एक अस्पताल फिर दिल्ली के एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह नेत्रपाल की मौत हो गई।
दूसरी ओर गांव नावली निवासी किसान विजय सिंह (48) की 26 सितंबर को तबीयत खराब हुई। 24 अक्तूबर को बीमारी के चलते मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें भी उल्टी, दस्त और प्लेटलेट्स गिरने की शिकायत हुई थी। उपचार के लिए उन्हें भरतपुर, जयपुर और नोएडा तक ले जाया गया, लेकिन आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। दोनों मृतकों के परिजन ने मौत का कारण डेंगू और मलेरिया बताया है। हालांकि सीएचसी नौहझील के प्रभारी डॉ. हेमराज सिंह ने कहा कि अभी तक डेंगू या मलेरिया की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांवों में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी गोपाल बाबू ने बताया कि नेत्रपाल शुगर की बीमारी से पीड़ित था। शरीर में शुगर की अधिक मात्रा होने के कारण उनकी मौत हुई है। जबकि विजय सिंह की मौत डेंगू के कारण हुई है, लेकिन वह बाहर काम करता था। परिजन ने उसका किसी सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराया। न ही किसी को जानकारी दी। विजय सिंह की मौत नोएडा में हुई है, नोएडा अस्पताल प्रशासन की भी जिम्मेदारी थी कि वह स्वास्थ्य विभाग को सूचना देता। बावजूद इसके नावली गांव में बुधवार को टीम जाएगी और मामले की जांच करेगी।