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Mathura News: कोहरा बना कॉल...नौ दिन बाद दो और शव परिजनों को सौंपे

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देवेंद्र और नरेंद्र का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस आए परिजन। 
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मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर 16 दिसंबर हुए सड़क हादसे के 9 दिन बाद बृहस्पतिवार को दो और यात्रियों देवेंद्र 28 और नरेंद्र 43 के शव उनके परिजन को सौंपे गए। इससे पूर्व 10 लोगों के शव उनके परिजन को दिए जा चुके हैं। पोस्टमार्टम गृह में फिलहाल 2 शव रखे हुए हैं, जिनकी सैंपल की जांच रिपोर्ट लखनऊ स्थित लैब से आने के बाद ही उनकी पहचान हो सकेगी।
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हादसे में जान गंवाने वाले हमीरपुर गुहांड के देवेंद्र के शव की शिनाख्त बुधवार को हो गई थी। उनके पिता ब्रगभाग शव को लेने के लिए आए थे। ब्रगभाग ने बताया कि देवेंद्र की मौत की खबर सुनकर उनके गांव में मातम पसर गया है। संवदेना व्यक्त करने के लिए उनके घर लोगों का तांता लगा रहता है। 17 दिसंबर काे डीएनए जांच के लिए उन्होंने अपना सैंपल दिया था। देवेंद्र की शादी पिछले साल फरवरी में हुई थी। देवेंद्र अपनी पत्नी को लेकर नोएडा के परीचौक क्षेत्र में रहते थे। घर पर पत्नी रागिनी और बहन सुनीता को छोड़कर वह दो दिन के लिए गांव गुहांड आए थे। 15 दिसंबर को हमीरपुर से नोएडा के लिए बस में सवार हुए थे। पिता ने बताया कि वह एक दिन और रोकना चाहते थे, लेकिन नोएडा से कॉल आने के बाद वह चला गया था।

कारखाने के लिए जमीन देखने आए थे नरेंद्र
फतेहपुर के नरेंद्र के भाई राजकुमार और भतीजे रजनीश उनके शव को लेने के लिए बुधवार रात दो बजे मथुरा आ गए थे। रातभर रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद सुबह पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए। राजकुमार ने बताया कि नरेंद्र दिल्ली में हलवाई की दुकान चलाते थे। हादसे से कुछ दिनों पूर्व वह रानियां में कारखाना खोलने के लिए जमीन देखने आए थे। गांव में दो दिन तक रुके। 15 दिसंबर को कानपुर नौबस्ता से डबल डेकर बस में सवार हुए थे।
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