मथुरा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी।
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वृंदावन। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर और न्यास को लेकर चल रही गोस्वामियों की नाराजगी को दूर करने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और गन्ना विकास मंत्री की वार्ता विफल रही। सरकार के दो मंत्रियों से बातचीत में गोस्वामियों ने साफ शब्दों में कह दिया कि हम किसी भी सूरत में कॉरिडोर नहीं चाहते हैं और न ही न्यास। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। काफी देर बातचीत के बाद जब बैठक बेनतीजा रही तो मंत्री ने कह दिया कि कोर्ट की तारीख पर सुनवाई के बाद एक फिर से बैठेंगे और कोई समाधान निकाला जाएगा।
दरअसल, वृंदावन में तेजा धर्मशाला में रविवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण की कुछ गोस्वामियों के साथ बैठक हुई। हालांकि इस बैठक को लेकर प्रशासन की तरफ से जानकारी नहीं दी गई। बैठक में दोनों ही मंत्रियों ने गोस्वामियों से कहा कि कॉरिडोर बन जाने दें। किसी को परेशानी नहीं होगी, सरकार ने भरोसा दिलाया है किसी का नुकसान नहीं होगा।
यह सुनने के बाद मौजूद गोस्वामियों ने कह दिया कि हमें न तो कॉरिडोर चाहिए और न ही न्यास। न्यास को लेकर भी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अगर न्यास को लेकर कोई परेशानी है तो उस पर विचार कर लिया जाएगा। सेवायतों की संख्या के बारे में कहा कि उनमें मुख्यमंत्री से बात करके बढ़ोतरी भी करा दी जाएगी।
गोस्वामियों ने दो टूक कह दिया कि सरकार एक तरफ तो कोर्ट में केस लड़ रही है और दूसरी तरफ बैठक कर बात का हल निकलना चाहती है। सेवायतों ने बताया कि चार अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई की तारीख लगी है। इस पर दोनों ही मंत्रियों ने कहा कि कोर्ट की सुनवाई के बाद एक फिर से बैठा जाएगा और कुछ हल निकाला जाएगा।
बैठक में मौजूद सेवायत गोपी गोस्वामी ने बताया कि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला है। सभी ने अपनी अपनी बात रखी है। सेवायतों की मांग को रख दिया है कि उन्हें न तो कॉरिडोर चाहिए और न ही न्यास।