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तुलसी लगाओ, मच्छर भगाओ

Tue, 11 Oct 2016 08:32 PM IST
अमर उजाला मथुरा
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तुलसी
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मच्छर यानी कई बीमारियों का वाहक। चिकित्सकों का मानना है कि एक इंसान से दूसरे तक बीमारी ले जाने का काम मच्छर ही करता है। यूं तो मच्छरों को मारने के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं लेकिन वह मर नहीं पा रहा है। अब डाक्टर भी कई देसी तरीकों को बताने लगे हैं। तुलसी का पौधा लगाने के लिए सभी से कहा जा रहा है।
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दरअसल तुलसी का पौधा मच्छर के लार्वा को बढ़ने नहीं देता। अगर खिड़की के पास तुलसी का पौधा है तो मच्छर बड़ी तेजी के साथ भाग जाता है। तुलसी की महक के सामने मच्छर रुक ही नहीं पाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीन भारती का कहना है कि अगर कोई अपने शरीर पर नारियल तेल और नीम तेल मिलाकर मालिश कर ले तो उसके आसपास भी मच्छर नहीं आते हैं।

हालांकि लहसुन की फली पीसकर पानी में मिलाकर अगर घर में स्प्रे कर दें तो मच्छर कमरे में टिक नहीं पाएगा। हां लहसुन के स्प्रे से गंध बढ़ सकती है। लोंग के तेल की महक से भी मच्छर टिक नहीं पाते हैं। गेंदे के फूल को भी काफी उपयोगी बताया जा रहा है। गेंदे के फूल की सुगंध से आपका मन तो प्रफुल्ल होगा ही मच्छर भी नहीं टिक पाते हैं। जानकारों का कहना है कि मच्छर भगाने के लिए जिस क्वाइल का प्रयोग घरों में होता है उसका धुंआ 100 सिगरेट के बरामद हार्मफुल होता है। 
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खुद बीमार है मलेरिया विभाग
मलेरिया विभाग खुद बीमार है। इस विभाग में 197 पद हैं और काम केवल 58 लोग कर रहे हैं। दवाओं का स्टाक भी कम है। फील्ड में जाने वाले वर्कर भी कम रह गए हैं। अब इन हालातों में भला रोगों से कैसे लड़ेगा मलेरिया विभाग। इस विभाग को तो खुद इलाज की जरूरत है।

दिन में एडीज से करें बचाव
आम तौर पर डेंगू को फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में लोगों को काटता है। ऐसे में सुबह और शाम के साथ दोपहर में भी मच्छरों से बचने के उपाय करना जरूरी है। इसके अलावा एनोफ्लीन मच्छर भी तेजी से मलेरिया को फैला रहा है। आम तौर पर लोग रात में मच्छरों से बचाव के उपाय करते हैं। इसके विपरीत डेंगू रोग का वाहक मच्छर एडीज दिन में लोगों को शिकार बनाता है। जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया आम तौर पर मच्छरों के काटने का पीक ऑवर सूर्योदय और सूर्यास्त से एक घंटा पहले और एक घंटा बाद का है। लेकिन एडीज मच्छर के काटने का खतरा दिन में भी है। एनोफ्लीन मच्छर से भी बचाव की आवश्यकता है।
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