लोक निर्माण विभाग और राज्य सेतु निगम के इंजीनियरों ने यमुना नदी पर बने नए पुल की मरम्मत का कार्य मंगलवार को शुरू कर दिया। इसके चलते नए पुल से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। केवल पैदल ही लोगों को गुजरने दिया। मंगलवार सुबह नए पुल के दोनों ओर पत्थर की बड़ी-बड़ी पट्टिका और पुल की बड़ी-बड़ी ईंट रखकर रास्ता बंद कर दिया गया। इससे साइकिल और दुपहिया वाहन भी नहीं निकल सके। थोड़े सा रास्ता केवल पैदल जाने वालों के लिए छोड़ा गया।
नाव में बढ़ गया किराया
मथुरा। नए पुल के मरम्मत कार्य के चलते बंद होने से नाविकों के लिए सवारियों का टोटा खत्म हो गया। किराया भी बढ़ा दिया गया। नाविकों से इस पार से उस पार तक जाने को लोगों से 30 से 50 रुपये तक उतराई वसूल की। नावों में बाइक, दूध, सब्जी आदि लेकर लोग आर-पार गए। मोटर साइकिलों को नाव पर चढ़ाने के लिए लकड़ी के पट्टे तैयार कराए गए हैं, ये भी कमाई का जरिया बने।
पुराने पुल पर बढ़ा दबाव
मथुरा। यमुना नदी पार करने को लेकर पुराने रेलवे पुल पर बने पैदल पथ पर राहगीरों का दबाव बढ़ गया। सुबह से लेकर रात तक इस पुल से पैदल जाने वालों की कतार लगी रही। लोगों में झगड़े की नौबत तक आ गई।
गोकुल बैराज, पानी गांव पुल का करें प्रयोग
मथुरा। नए पुल के बंद होने के बाद अब वाहन चालक मथुरा शहर आने के लिए गोकुल बैराज और पानीगांव पुल का प्रयोग कर सकते हैं। हालांकि इसमें 10 किलोमीटर का चक्कर लगेगा।