श्रृद्धालुओं को खिलौने लुटाते भागवताचार्य
नौहझील। श्रीझाड़ी वाले हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन रविवार को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य महाराज ने नंद बाबा के घर पर उत्सव के माहौल का सुंदर वर्णन किया। कथा पंडाल नंद के आनंद भए, जय कन्हैयालाल की के उद्घोष से गूंज उठा। भक्तों ने भजनों पर नृत्य किया। विधायक राजेश चौधरी, प्रधान प्रशांत गुप्ता, मनीष जिंदल ने मिठाई, टॉफियां, खिलौने लुटाए।
कथाव्यास अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि भगवान युगों-युगों से भक्तों के साथ अपने स्नेह रिश्ते को निभाने के लिए अवतार लेते आए हैं। उन्होंने वामन अवतार, समुंद्र मंथन, श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान को अगर पाना है तो मन में इस भाव को बसा लेना होगा कि मेरा सब कुछ मेरे ठाकुरजी हैं। मेरे पास अपना कुछ भी नहीं।
कहा कि जो गजेंद्र मोक्ष का पाठ करता है, उस पर ठाकुरजी की कृपा सदा बनी रहती है। कहा कि माता-पिता के चरण पकड़ लो, किसी और की चरण वंदना की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। कहा कि अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। आज गिरिराज पूजन और छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा। महंत रामरतन दास महाराज, चमन बिहारी महाराज आदि मौजूद रहे। संवाद
कालिया नाग मान मर्दन की लीला का मंचन किया
नौहझील। श्रीझाड़ी हनुमानजी मंदिर पर चल रहे वार्षिकोत्सव में शनिवार रात निंबार्क रासलीला मंडल के कलाकारों ने कालिया नाग मान मर्दन लीला का मनमोहक मंचन किया। लीला में दिखाया गया कि श्रीकृष्ण मित्रों के साथ यमुना नदी के किनारे गेंद से खेल रहे थे। गेंद नदी में जाने पर कान्हा ने यमुना में छलांग लगा दी। वहां कृष्ण ने कालिया नाग की पूंछ पकड़कर उसे मारना शुरू कर दिया। प्राण रक्षा की दुहाई देने पर कृष्ण ने कालिया नाग के फन पर नृत्य किया और उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने के लिए वचनबद्ध किया। लीला का शुभारंभ महंत रामरतन दास महाराज ने राधाकृष्ण की आरती उतारकर किया।