ब्रजभूमि से अविरल और निर्मल यमुना के लिए आगे बढ़ा कारवां अब विशाल हो गया है। हजारों लोग संत समाज के नेतृत्व में पृथला पहुंच गए हैं। यहां रात को हुई बैठक में समय से पहले बदरपुर बार्डर पहुंचकर धर्म संसद का ऐलान कर दिया गया है। इसमें श्रीश्री रविशंकर और बाबा रामदेव सहित कई प्रमुख संत आएंगे। धर्म संसद गुरुवार को दोपहर 12 बजे से होगी।
हजारों लोगों के साथ बुधवार दोपहर बाद ढाई बजे पृथला पहुंची पदयात्रा ने विश्राम किया। यहीं पर प्रमुख संतों और समाजसेवियों ने पदयात्रियों की मांग के अनुरूप एक बैठक की। इसमें फैसला लिया गया कि केंद्र को जगाने के लिए दिल्ली जल्दी पहुंचना जरूरी है। इसके पीछे तर्क दिया गया कि संसद सत्र जारी रहते ही दिल्ली में हलचल मचा दी जाए।
इस प्रस्ताव का सभी ने समर्थन किया। इसके साथ ही अब नई रणनीति बना ली गई है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज झाड़सैंतरी तक जाना तय था, लेकिन बदली रणनीति के अनुसार वाहनों से हजारों पदयात्री सुबह-सुबह बदरपुर बार्डर पर पहुंच जाएंगे। संत समाज की ओर से भी देर रात तक कार्यक्रम फाइनल किया जाता रहा।
यमुना मुक्ति पदयात्रा के संयोजक राधाकांत शास्त्री ने बताया कि अब तक श्रीश्री रविशंकर, साध्वी ऋतंभरा और योगगुरु रामदेव का कार्यक्रम फाइनल है। ब्रज के प्रमुख संत भी बदरपुर बार्डर पर धर्म संसद को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि हर हाल में अबकी बार यमुना की धार के नारे को साकार करने का संकल्प लिया गया है। बैठक में प्रमुख रूप से भाकियू भानु के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, देवकी नंदन ठाकुर, मृदुल कांत शास्त्री, पूर्व मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, ब्रजेशजी महाराज, हरेश ठेनुआ आदि उपस्थित रहे।