मौसम खुलने के साथ ही रंगजी मंदिर का ब्रह्मोेत्सव अपने रंग में लौट आया है। सोमवार को ठाकुर गोदारंगमन्नार की अतिशबाजी से धर्मनगरी जगमगा गई। देर रात तक आयोजित इस आतिशबाजी का आनंद लेने के लिए जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग रंगजी बगीचे पर पहुंचे थे।
रंगनाथ मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत सोमवार की शाम को ठाकुर गोदारंगमन्नार ने स्वर्ण घोड़े पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। लगभग 7:30 बजे प्रारंभ हुई शोभायात्रा में ठाकुरजी का शृंगार मनोहारी था। वे हाथ में भाला, तलवार आदि घोड़े पर सवार थे।
गोदारंगमन्नार के जय-जयकारों के मध्य शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत हुआ। संतगण और संस्कृत विद्यार्थी भगवान की स्तुति करते चल रहे थे। रंगजी मंदिर से शोभायात्रा के रंगजी के बगीचा स्थित विश्राम स्थल पहुंचने के बाद ठाकुरजी के समक्ष बड़ी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान रोशनी से जगमग आकाश धमाकों से गूंज उठा। लगभग एक घंटे तक चली आतिशबाजी में श्रद्धालुओं ने ठाकुर गोदारंगमन्नार की जय-जयकार के साथ आनंद लिया।