वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के भक्तों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। रंग और भक्ति के अद्भुत संगम रंगीली होली का शुभारंभ रंगभरनी एकादशी यानी सोमवार सुबह से हो जाएगा जोकि 13 मार्च पूर्णिमा की रात तक अनवरत चलेगा। इसके बाद 14 मार्च को धुलेंडी उत्सव मनाया जाएगा।
प्रातः 8:30 बजे से ठाकुरजी को विशेष श्वेत वस्त्रों से अलंकृत किया जाएगा। कमर में लाल गुलाल से भरा फेंटा बांधकर, स्वर्ण व रजत निर्मित पिचकारियों से सेवायतजन ठाकुरजी पर शुद्ध केसर के रंग की वर्षा करेंगे। उसके बाद यह रंग श्रद्धालुओं पर बरसाया जाएगा। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु मंदिर में एकत्र होंगे। रंगभरनी एकादशी पर अपने आराध्य से होली खेलने के लिए दूरदराज से लोग पहले ही आ गए हैं l स्थिति यह हो गई है कि होटल और धर्मशालाओं के कमरे फुल हो गए हैं।
दोपहर 1 बजे तक रंगोत्सव के बाद ठाकुरजी विश्राम करेंगे फिर शाम 4 बजे से पुनः रंगों की वर्षा शुरू होगी, जो रात्रि शयन आरती तक चलेगी। इस दौरान ठाकुरजी को विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे। इत्र से मालिश भी की जाएगी।
इतिहासकार प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी बताते हैं कि ब्रज मंडल में फूलों की होली से लेकर गोबर की होली खेलने तक की परंपरा है जिनका आज भी बखूबी पालन किया जाता है। इस दौरान जगह-जगह चंग, मृढंग आदि पर होली गायन भी किया जाता है।
भक्त लगाएंगे वृंदावन की परिक्रमा रंगभरनी एकादशी पर खासकर वृंदावन की परिक्रमा लगाई जाती है। रात से ही लोगों ने परिक्रमा शुरू कर दी है। भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए जगह-जगह पुलिस बल भी तैनात किया गया है। वहीं परिक्रमा मार्ग में जहां-जहां सड़क टूट रही थीं वहां पेचवर्क किया गया है। पानी के टैंकर खड़े किए गए हैं। नगर निगम ने अतिक्रमण भी हटवाया है।