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Mathura News: साइबर ठगी से निपटने को सिम नहीं मोबाइल को लॉक करा रही पुलिस

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मथुरा। साइबर ठगों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने नया तरीका इजाद किया है। पुलिस ने अब मोबाइल सिम के स्थान पर मोबाइल को ही लॉक कराने लगी है। इससे साइबर ठगी करने वाले एक बार पुन: उस मोबाइल का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस पिछले छह माह में पांच हजार से अधिक मोबाइल फोन को लॉक करा चुकी है।
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जिले में साइबर ठगी के मामला लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस कड़ी मशक्कत के बाद कुछेक मामलों में तो ठगी गई धनराशि को वापस करा लेती है, लेकिन अधिकांश मामले में पुलिस को असफलता ही हाथ लगती है। पुलिस जब तक मामले की जांच में जुटती है अपराधी खाते से धनराशि निकाल चुके होते है। पुलिस से अब इससे निपटने के लिए नया तरीके अपनाया है। पुलिस अब मोबाइल सिम के स्थान पर मोबाइल को ही लॉक कराने लगी है।
पुलिस मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर के जरिए उसे लॉक करा देती है। इससे साइबर ठग उस मोबाइल का पुन: प्रयोग नहीं कर सकते हैं। अब तक पुलिस सिम लॉक कराती थी। वैसे भी साइबर ठग एक मोबाइल सिम से ज्यादा वारदात को अंजाम नहीं देते। एक या दो वारदात करने के बाद वह स्वयं ही सिम को मोबाइल से निकालकर रख देते हैं। पुलिस इसकी लोकेशन निकालती है तो वह झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों की निकलती है। क्योंकि साइबर ठग फोन करने के लिए वाईफाई नेटवर्क की तकनीक का प्रयोग करते हैं।
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एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस अपने स्तर पर कार्य कर रही है। ठगी से बचने के लिए लोगों को भी सावधानी बरती होगी। साइबर ठग लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। लोग इससे सावधान रहे तो ठगी की वारदातों में कमी आएगी।



जिले के 5 थानों के कई गांव साइबर ठगी के लिए बदनाम
थाना गोवर्धन के गांव देवसेरस, दौलतपुर, मडौरा, मलसराय, भगौसा, नगला अकतिया, कामा रोड गोवर्धन, थाना बरसाना के गांव हाथिया और नगला जानू, थाना कोसीकलां के शाहपुर, उटाबर, थाना शेरगढ़ के विशंभरा, बाबूगढ, गुलालपुर, छाता कोतवाली के छाता और शेरगढ़ क्षेत्र साइबर ठगी के लिए बदनाम हैं। पुलिस ने इन्हें रेड जोन घोषित कर रखा है।
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