वृंदावन के तराश मंदिर स्थित महिला आश्रय सदन से तीन लड़कियां संदिग्ध अवस्था में लापता हो र्गइं। इनमें दो सगी बहनें बताई गईं हैं। सोमवार को आश्रय सदन की काउंसिलर ने कोतवाली में तहरीर दी है। छानबीन में पुलिस को मौके से एक लड़की को युवक द्वारा दिए गए प्रेमपत्र मिले हैं। पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है।
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी तराश मंदिर स्थित महिला आश्रय सदन में रहती थी उसके साथ धौलपुर निवासी दो युवतियां भी थी। जानकारी के अनुसार तीनों लड़कियां शनिवार रविवार की रात अचानक लापता हो गई। रविवार को खोजने के बाद भी जब लड़कियाें का पता नहीं चला तो असिस्टेंट वार्डन दीपाली ने इसकी जानकारी संस्था की काउंसिलर सुनीता चतुर्वेदी को दी। रविवार की रात ही सुनीता चतुर्वेदी ने कोतवाली पुलिस को तीनों लड़कियों के लापता होने की सूचना दे दी।
सोमवार की दोपहर एसओ वृंदावन व मथुरा गेट चौक प्रभारी ने महिला आश्रय सदन की पड़ताल की। इस दौरान पुलिस को एक युवक द्वारा किशोरी को बंगाली भाषा में लिखे गए प्रेम पत्र मिले। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। काउंसिलर सुनीता चतुर्वेदी ने बताया कि आश्रय सदन में 18 महिलाएं और 5 बच्चे रहते हैं। यहां 4 वार्डन, दो चौकीदार हर समय रहते हैं। लड़कियां पूरब दिशा में एक दरवाजे के पास बनी खिड़की से निकल भागी है। लड़कियां अपने साथ कपड़े और कुछ नकदी भी ले गई हैं।
वहीं दोनों बहनों को बाल कल्याण समिति द्वारा भेजा गया था। समिति की सदस्या प्रतिभा शर्मा को इसकी जानकारी दे दी गई है। एसओ वृंदावन का कहना है कि मामला बहला-फुसलाकर ले जाने का है। लड़कियों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीम को लगाया है।