केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वृंदावन के विकास के लिए दी गई राशि के उपयोग की समीक्षा करने आई उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति ने विकास प्राधिकरण, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। राशि के उपयोग और उससे कराए गए विकास कार्यों की जानकारी न दे पाने पर नाराज सभापति ने विकास प्राधिकरण के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक से बाहर निकाल दिया। समिति अब मंगलवार को विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेगी।
वृंदावन शोध संस्थान में समिति के सभापति गोपाल प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण, नगर पंचायत और नगर पालिका के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सभापति ने विप्रा के चीफ इंजीनियर आरबी शुक्ला से कालोनियों के विकास और पार्कों के रखरखाव के बारे में पूछा तो वे जवाब न दे सके। ऐसे ही मथुरा जनपद में उत्कृष्ट पार्क बनाने के सवाल पर भी विप्रा के अधिकारी खामोश दिखे। इस पर नाराज सभापति ने उन्हें बैठक से बाहर कर दिया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत के अधिकारियों से गांवों में पक्की सड़क बनाने की बात पूछी तो वे भी चुप्पी साधे रहे। इस पर भी समिति के सदस्यों ने भारी नाराजगी जताई।
सभापति ने अब मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण की बात कही है। कहा कमियां पाए जाने पर वह इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे। इस दौरान विधान परिषद के सदस्य राकेश सिंह, सूरजभान करवरिया, राजेश सिंह, अरविंद कुमार त्रिपाठी, प्रताप सिंह बघेल, वीरू सुमन, अब्दुल अदान, केदारनाथ सिंह, प्रशासनिक अधिकारी जयशेखर वाजपेई, डीपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह, पालिका के मथुरा ईओ केपी सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष किशोर सिंह, वृंदावन ईओ रजनीश शर्मा आदि मौजूद रहे।