गोवर्धन (मथुरा)। मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान लाखों की संख्या में भक्त गिरिराजजी की परिक्रमा देने आएंगे। वीआईपी हो या मध्यम व गरीब वर्ग, सभी की एक ही आस रहती है की गिरिराजजी की परिक्रमा व दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना लें। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि गिरिराज प्रभु की भक्ति में शक्ति है।
भक्तों ने बताया कि गिरिराजजी मनोकामना पूरी करने वाले देवता हैं। राजस्थान के भरतपुर से आईं अनीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने गिरिराजजी से बेटे की नौकरी की मनोकामना मांगी थी। बेटे की मेहनत, परिश्रम और गिरिराज प्रभु की कृपा से उसकी नौकरी लग गई। गिरिराजजी सबकी सुनते हैं। श्रद्धालु महिमा गुप्ता ने बताया कि भागवत में सुना था कि सात कोस में फैले गिरिराज महाराज को भगवान ने अपनी उंगली पर उठाया था, आज साक्षात उन्हें देखकर मन खुश हो गया।
दिल्ली से परिक्रमा लगाने आए संजय शर्मा ने बताया कि ब्रज में तीर्थ के दर्शन कर आनंद की अनुभूति होती है। महेश सिंह ने बताया कि गिरिराजजी की परिक्रमा लेटकर भी होती है, यह यहीं आकर पता चला। वहीं यहां सात कोस की परिक्रमा दूध की धारा से भी लगाई जाती है। दिल्ली के आलोक ने बताया कि वह अपनी पत्नी रेनू व बेटे अनूप के साथ दूध की धारा के साथ परिक्रमा लगा रहे हैं। गिरिराजजी की भक्ति में शक्ति है। यही भक्ति उनको ले आती है।
कुंड और सरोवर पर लगाईं बैरिकेडिंग
राधाकुंड। गिरिराज परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले कुंड और सरोवरों पर प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत बल्ली लगाकर जालियां लगा दी हैं। परिक्रमा मार्ग में राधा-श्याम कुंड, मानसी गंगा, कुसुम सरोवर, गोविंद कुंड, हरजीकुंड, अप्सरा कुंड आदि धार्मिक स्थल हैं। मुड़िया पूर्णिमा पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले सभी कुंड और सरोवरों पर बेरिकेडिंग लगाई जा रही है।
सामान घरों का सत्यापन कराया जाए
राधाकुंड। मुड़िया पूर्णिमा मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग में इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सामान व जूता घर खुल जाते हैं। इस सामान घरों का पुलिस प्रशासन द्वारा सत्यापन नहीं कराया जाता है। तीर्थयात्री मेले के दौरान अपने जूते-चप्पल सहित अन्य जरूरी सामान भी इन्हीं सामान घरों में रखकर परिक्रमा देने चले जाते हैं। कोई घर में तो कोई दुकान या सड़क पर ही तखत लगाकर सामान व जूता घर खोल लेता है। यह सामान घर संचालक भी यात्री का आधार कार्ड चेक किए बिना सामान रख लेते हैं। ऐसे में कोई संदिग्ध व्यक्ति किसी प्रकार का सामान रखकर चला जाए तो उसका पता लगाना मुश्किल है।