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Mathura News: टोमेटो सॉस में टमाटर नहीं और चिली सॉस में मिर्च

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मथुरा। होली गेट के पास एक दुकान पर रखी टोमोट साॅस 5 किलोग्राम की केन।  - फोटो : mathura
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मथुरा। फास्ट फूड कॉर्नस पर पिचकू में रखे लाल और हरे रंग के केमिकल युक्त पदार्थ को अगर आप टोमेटो सॉस और चिली सॉस समझते हैं तो सावधान हो जाइए। यह केमिकल युक्त पदार्थ है जो सॉस की तरह दिखता जरूर है, लेकिन सॉस नहीं है। 15 रुपये लीटर में धड़ल्ले से नॉन ब्रांडेड कैन में इसकी बिक्री की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का भी इस पर कोई ध्यान नहीं है।
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चाऊमीन, बर्गर, पिज्जा, मोमोज, पेटीज आज युवाओं की पहली पसंद बन चुकी है। बात जब फास्ट फूड की हो तो सॉस को कैसे नजरंदाज किया जा सकता है। बिना टोमटो सॉस और चिली सॉस के फास्टफूड का स्वाद ही अधूरा सा लागत है, लेकिन शहर में सजने वाले फास्टफूड कॉर्नर पर मिलना वाला टोमेटो सॉस बिना टमाटर के और चिली सॉस बिना मिर्च के तैयार हो रहा है। दरअसल इनकी कीमत ही इतनी कम है, जिस पर सॉस तैयार ही नहीं हो सकता।
शायद आप भी सुनकर हैरान रह जाएंगे कि पांच लीटर की अनब्रांडेड कैन में आने वाला सॉस महज 15 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। एक लीटर की पैकिंग 18 रुपये में उपलब्ध है। ऐसे में अब आप ही अंदाजा लगा लीजिए कि आखिर इतने कम दामों पर कहां से टोमेटो और चिली सॉस तैयार हो सकता है।
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दरअसल, टोमेटो सॉस और चिली सॉस की तरह दिखने वाला यह पदार्थ सिंथेटिक रंग, अरारोट, मकई का आटा, सोडिएम बेंजोएट, एसिटिक एसिड और एसेंस से तैयार किया जाता है। इसी कारण यह इतनी कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है। वर्तमान में टमाटर जहां 50 रुपये किलो है तो वहीं हरी मिर्च सौ रुपये किलो के करीब है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 15 रुपये प्रति लीटर में मिलने वाला सॉस जैसा दिखने वाला पदार्थ कितना शुद्ध होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन भी इस पर आंखें मूंदे हुए हैं। अगर नमूने लिए जाएं और कार्रवाई हो तो हकीकत सबके सामने आ जाए।
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पाचन तंत्र को प्रभावित करता है सिंथेटिक कलर और केमिकल बीएसए कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार कटारिया ने बताया कि सिंथेटिक कलर और केमिकल पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। केमिकल आंतों में रोग उत्पनन कर देता है। इससे धीरे-धीरे भूख खत्म होने के साथ ही शरीर में रोग पनपने लगते हैं। पेप्टिक अल्सर की समस्या भी आज आम हो गई, लेकिन लोग समझ ही नहीं पाते हैं कि आखिर यह बीमारी उन्हें कहां से हो रही है। यह सब केमिकलयुक्त सॉस व अन्य पदार्थों के सेवन का ही परिणाम है।
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केवल दुकानदारों को ही करें है बिक्री
शहर में होली गेट, डीग गेट और धौली प्याऊ स्थित दुकानों पर धड़ल्ले सुबह और शाम टोमेटो और चिली सॉस के नाम पर घटिया सॉस की बिक्री होती है। फास्टफूड विक्रेता के पहुंचते ही एक इशारे में उसके लिए घटिया सॉस की कैन काउंटर पर हाजिर हो जाती है। वहीं अगर कोई आम व्यक्ति कैन वाले सॉस की मांग करता है तो उससे उपलब्ध न होने की बात कहकर मना कर दिया जाता है। क्योंकि उन्हें पता है कि अगर घर के लिए किसी को यह सॉस दे दिया तो उनकी पोल खुल जाएगी।
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लोगों की बात
फास्टफूड कॉर्नर्स पर तो हर जगह पिचकू में भरा केमिकलयुक्त सॉस ही बेचा जाता है। जिम्मेदारों को भी यह पता है, लेकिन इसके बाद भी वे कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। जनता की परवाह न खाद्य सुरक्षा विभाग को है और न ही विक्रेताओं को।
-हेमेंद्र वर्मा
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नकली और केमिकलयुक्त सॉस की बिक्री रोकने के लिए इस पर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। दुकानों पर ही विभाग को छापा मारकर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं होगी तो लोग तो मुनाफे के लिए इसकी बिक्री करेंगे ही।
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आशीष गर्ग
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