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UP: वसंत पंचमी पर खुलेगा वसंती कमरा, रंगीन झाड़-फानूस की रोशनी...श्रीजी के होंगे अद्भुत दर्शन

Tue, 20 Jan 2026 02:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन में शाहजी मंदिर का वसंती कमरा 23 जनवरी को खुलेगा। ये कमरा वर्ष में सिर्फ दो बार ही खुलता है। वसंती कमरे की सफाई का कार्य शुरु कर दिया है।
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शाहजी मंदिर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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टेड़े-मेड़े खंभे के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध शाहजी मंदिर का वर्ष में दे बार खुलने वाला वसंती कमरा वसंत पंचमी पर 23 जनवरी को खुलेगा। दूसरे दिन शाम को भी वसंती कमरे में झाड़ फानूस की रंगबिरंगी रोशनी के बीच मंदिर में विराजमान श्रीजी भक्तों को दर्शन देंगी। प्रबंधन द्वारा मंदिर को रोशनी से सजाया जा रहा है। वहीं वसंती कमरे की सफाई का कार्य शुरु कर दिया है।
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मंदिर के व्यवस्थापक प्रशांत शाह ने बताया कि वसंती कमरे की सजावट के प्रमुख आकर्षण प्राचीन झाड़-फानूस व कांच आदि की साफ सफाई का कार्य पिछले सात दिनों से चल रहा है। इस विशेष कमरे में वसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक तथा शाम को पांच बजे से देर शाम तक भक्तों को श्रीजी के दर्शन होंगे। शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। ठाकुरजी को वसंती पोशाक धारण कराने के साथ-साथ उनका शृंगार भी वासंतिक होगा। दूसरे दिन 24 जनवरी की शाम 5 बजे से वसंती कमरे में श्रीजी के दर्शन होंगे। इसके बाद वसंती कमरा बंद हो जाएगा।

मंदिर के चौक में अन्य सखियों की मूर्तियों के साथ नवाब वाजिद अली शाह की टोपी लगाए सखी वेश में मूर्ति फर्श पर है। इसके पीछे उनका भाव था कि मंदिर में श्रीजी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के पग उन पर पड़ेंगे तो वह धन्य हो जाएंगे। लखनऊ के भक्तों द्वारा बनाने के कारण पूरे मंदिर में इसके दो प्रभाव देखने को मिलते हैं, पहला नवाबी तथा दूसरा विदेशी कला का। मंदिर में 15 फुट के टेढ़े खंभों का प्रयोग, मुंडेर रोमन शैली में बनी है। मंदिर में बेशकीमती झाड़-फानूस, दर्पणों एवं दरवाजे भी नवाबी संस्कृति को दर्शाते हैं।
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उन्होंने बताया कि यह कमरा वर्ष में सिर्फ दो बार ही खुलता है। प्रथम बार वसंत पंचमी पर दो दिन व दूसरी बार सावन मास में त्रयोदशी व चतुर्दशी के दिन श्रीजी कमरे में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देती हैं। वसंत पंचमी को लेकर तैयारी चल रही है।
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