मथुरा। चुनाव को लेकर बार कार्यालय के बाहर चल रहे वकीलों के धरना-प्रदर्शन को देख अध्यक्ष और सचिव ने चुनाव कराने की जिम्मेदारी वरिष्ठ सलाहकार समिति को सौंप दी है। समिति अगर चुनाव कराने का निर्णय लेगी तो वर्तमान अध्यक्ष व सचिव बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीसीआई) के निर्देशन में वार्षिक चुनाव से दूरी बनाकर रखेंगे।
बार एसोसिएशन के सचिव प्रदीप कुमार लवानियां ने बताया कि बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव नवंबर में होना था, लेकिन 25 अक्टूबर को बीसीआई ने 15 नवंबर से 15 फरवरी 2026 तक यूपी के सभी बार संघों के वार्षिक चुनाव पर रोक लगाने का पत्र जारी कर दिया। इस पर 28 अक्टूबर को कार्यकारिणी बैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वार्षिक चुनाव की घोषणा 15 फरवरी के बाद की जाएगी। बावजूद इसके चुनाव की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने बार कार्यालय के बाहर चुनाव कराने के संबंध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इस संबंध में 31 अक्टूबर को एक पत्र भेजा गया। एक नवंबर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि जिन बार संघों में आनन-फानन में चुनाव 15 नवंबर से पूर्व घोषित कराए जा रहे हैं। उनको तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। फिर भी कुछ प्रत्याशी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग कर रहे हैं कि चुनाव का मुद्दा वरिष्ठ सलाहकार समिति के सुपुर्द कर दिया जाए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने मंगलवार को चुनाव कराने का फैसला वरिष्ठ सलाहकार समिति के पदाधिकारियों को सौंप दिया। इस संबंध में पत्र जारी कर सभी को जानकारी भी दी गई है।
ये हैं वरिष्ठ सलाहकार समिति के सदस्य
पूर्व अध्यक्ष महेश्वर नाथ चतुर्वेदी, उमाकांत चतुर्वेदी, बृजगोपाल शर्मा, अजीत तेहरिया, पूर्व एडीजीसी वीरेंद्र लवानिया, नरेंद्र कुमार शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष ठा.रामवीर सिंह, पूर्व सचिव जय नारायण वार्ष्णेय, दिनेश चंद शर्मा और भानू प्रताप सिंह एडवोकेट शामिल हैं।