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Mathura News: तीन राज्यों के करोड़ों दिलों में नवचेतना पैदा कर गई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा

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पदयात्रा में शामिल लोगों से बात करते धीरेंद्र शास्त्री। संवाद
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तुषार चौहान
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वृंदावन। चार धाम मंदिर में सजे मंच पर जहां एक ओर संतों का रेला था तो दूसरी ओर मैदान में सनातनियाें का। मंच से जब एक एक संत बोल रहे थे तो उनकी बातों को सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे थे। संतों की आवाज जो शक्ति थी, वह सनातन की पताका को गगन में ले जाकर लहराने का काम कर रही थी। हर कोई कह रहा था कि 29 साल के युवा संत ने जो किया, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, यह हर किसी के वश की बात नहीं है।

विधायक श्रीकांत शर्मा ने ब्रज की भाषा में यात्रा में शामिल लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि महाराज के पैरों में छाले पड़े गए, इन छालों की दवा आप लोगों का साथ है। सनातनियाें को अब हमेशा एकजुट ही रहना है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि हम सभी को जातिवाद से ऊपर उठकर सोचना होगा। धीरेंद्र शास्त्री ने जो अलख जगाई वह अब हर दिल में जलनी चाहिए। हर कोई आज से यह सोचकर जाए कि वह सबसे पहले हिंदू हैं। हमें आपस में लड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मंच से ऐलान किया कि महाराज जब भी हिंदू एकता पदयात्रा निकालेंगे तो वहां अन्नक्षेत्र की व्यवस्था गौरी गोपाल आश्रम की ओर से की जाएगी। मशहूर कथावाचक इंद्रेश महाराज ने कहा कि भाई धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा ने तीन राज्यों में करोड़ों लोगों के दिल में नवचेतना जागृत की है। उन्होंने जो उत्साह पैदा किया है, उसका भाव हमेशा रहना चाहिए।
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आचार्य मृदुुलकांत शास्त्री ने कहा कि सनातन एकता की बात जो धीरेंद्र शास्त्री द्वारा उठाई गई है, उसमें वह हमेशा उनके साथ है। उन्होंने ब्रज के लोगों को लेकर कहा कि हम ब्रजवासी प्रेम के भूखे हैं। महाराज ने उनसे कहा कि भइया पदयात्रा करानी है तो उनके लिए दिन और रात एक कर दिए। इस दौरान उन्हें अपने दिवंगत भाई की याद आई तो वह भावुक हो गए।
देवकी नंदन महाराज ने कहा कि अब बहुत सह लिया, अब नहीं सहेंगे हिंदू हक लेकर रहेंगे। उनके इस संबाेधन पर प्रांगण में जयकारे गूंजने लगे। ब्रज को शराब से मुक्त कराने के लिए जो प्रयास हैं वह जारी रहेंगे। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाकर रहेंगे। अयोध्या में हनुगानगढ़ी से आए महंत राजूदास महाराज ने कहा कि हमें किसी फादर या चादर के चक्कर में नहीं रहना है। जहां संतों का अपमान होगा, वह सनातनियों को तुरंत की आगे आ जाना चाहिए तभी एकता की पदयात्रा सार्थक होगी।
बद्रीनाथ से आए योगेश्वर दास महाराज ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री महाराज निश्चित रूप से अवतार है। इतनी कम उम्र में उन्होंने लाखों लोगों को एक साथ लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की तुलना श्रीकृष्ण से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ग्वालों के साथ झूठा खाकर लीलाएं करते हैं। ऐसे ही धीरेंद्र शास्त्री जनता के बीच में बैठकर भोजन कर रहे हैं। जिस तरह श्रीकृष्ण को देखकर माताएं दुलारती थी, पुचकारती थी। उसी तरह पदयात्रा के दौरान माताएं धीरेंद्र शास्त्री पर अपना प्यार दुलार रही हैं।
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मंच पर यह संत भी रहे मौजूद
मंच पर श्री नाभापीठाधीश्वर सुतीक्ष्णदास महाराज, गीता मनीषी ज्ञानांनद महाराज, गोसेवक कृष्णानंद महाराज, महामंडलेश्वर अयोधानंद, मोहिनी बिहारी शरण, सत्यमित्रानंद महाराज, अक्षयपात्र से अनंत दास महाराज, देवानंद महाराज, स्वामी अतुल दास महाराज, गौरव गोस्वामी, राधावल्लभ मंदिर से प्रदीप बल्लभ, धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़, मान मंदिर से सुनील, सुमंत कृष्ण महाराज, हरिहर मुद्गल, बालीवुड अभिनेता गोविंद नामदेव आदि मौजूद रहे। संवाद
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