मथुरा। शराब के ठेकों को बंद कराने के लिए हंगामा करने के आरोपी पांच युवकों को शुक्रवार की शाम लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम डॉ. उत्सव गौरव राज ने जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद कागजात जिला कारागार में देरी से पहुंचने के कारण शुक्रवार को आरोपियों की रिहाई संभव नहीं हो सकी। सुनवाई के दौरान आरोपियों के समर्थकों का कचहरी पर जमावड़ा लगा रहा।
वृंदावन में शराब के ठेके पर हंगामा करने वाले आरोपियों ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम डॉ. उत्सव गौरव राज की अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपियों ने शासकीय संस्था को बंद कराने का प्रयास किया। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो सकती थी। साथ ही लोक व्यवस्था भी छिन्न भिन्न हो सकती थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता गोपाल गौतम आई ने बताया कि हंगामा करने वाले युवक गो-रक्षक हैं। ब्रज भूमि पर शराब की बिक्री का विरोध अपराध नहीं है। आजाद भारत में सभी को अपनी बात कहने का हक है। सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद सीजेएम डॉ. उत्सव गौरव राज ने सभी आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। सुनवाई के दौरान कचहरी के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। एसएसएफ के जवानों ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखा।
जमानत मंजूर होने के बाद अधिवक्ता परवाना लेकर जिला कारागार पहुंचे, लेकिन समय अधिक होने के कारण जेल से आरोपियों की रिहाई संभव नहीं हो सकी। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि जेल में पांच बजे के बाद परवाना आया। इस कारण सभी आरोपियों की रिहाई शनिवार की सुबह होगी।
यह था मामला
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के आह्वान के बाद कुछ युवकों ने 17 नवंबर को वृंदावन मेंशराब के तीन ठेकों को जबरन बंद करा दिया था। ठेके के सेल्समैन जितेन्द्र की तहरीर पर वृंदावन कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर हंगामा करने वाले शिब्बो व कपिल को गिरफ्तार कर लिया था। घटना में शामिल अन्य आरोपी युधिष्टर, अमित कुमार, अभिषेक ठाकुर, दक्ष चौधरी उर्फ दीपक और दुर्योधन उर्फ विशाल सिसोदिया को गिरफ्तार कर सीजेएम की अदालत में पेश किया था। अदालत ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।