राधाकुंड। रविवार की शाम को सगाई समारोह में सम्मिलित होने आए युवकों की बंबे में गिर जाने से हुई मौत होने के मामले में स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार विभाग को दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि रिंग रोड पर रहने वाले अंधेरे और यहां मौजूद एक दर्जन से अधिक मोड़ों कारण ही यह गंभीर हादसा हआ है।
नीमगांव से लेकर गोवर्धन तक करीब 8 किलोमीटर के इस मार्ग में एक दर्जन से अधिक मोड़ हैं। इसमें भी गोवर्धन रेलवे स्टेशन के पास जो मोड़ है, वहां अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद न तो यहां दिशा सूचक लगे हैं और न ही रात में उचित लाइट की व्यवस्था है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंग रोड का निर्माण होने के बाद बंबे के पुल पर डिवाइडर तो लगाए गए, लेकिन यह भी आधे अधूरे मार्ग पर ही हैं। स्थानीय निवासी डॉ. हर्षवर्धन गोस्वामी, योगेश जोशी, तनुज जोशी और ऋषि गोस्वामी का कहना है कि पांच दशक पहले बने पुराने पुल को भी अभी तक नष्ट नहीं कराया गया है। ऐसे में मार्ग पर अंधेरा होने के कारण पुराने पुल को जाने वाला रास्ता वाहन चालक के अक्सर भ्रमित कर देता है। इस कारण भी यहां आए दिन वाहन दुर्घटना का शिकार होते हैं।
वाहन चालकों के लिए यह एक संपर्क मार्ग भी बना हुआ है। इसी मार्ग से होकर वाहन चालक वृंदावन, मथुरा, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव के लिए आते जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सर्दी के मौसम में पड़ने वाले कोहरे दौरान आती है। वहीं जिम्मेदार विभाग पीडब्ल्यूडी ने इस ओर अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। जबकि इस रोड पर गोवर्धन तहसील भवन भी स्थापित हो चुका है।
स्थानीय निवासियों की मांग है कि इस मार्ग पर दिशा सूचक बोर्ड लगने चाहिए। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ सफेद पट्टी बनाने के साथ ही प्रकाश की व्यवस्था भी होनी चाहिए। संवाद
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मार्ग निर्माण के दौरान सभी मानकों का ध्यान रखा गया है। फिर भी कहीं कोई कमी रह गई है तो उसका निरीक्षण कराकर कार्य कराया जाएगा।
अजय सिंह
एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी