वृंदावन। ब्रज के इतिहास में अब तक का सबसे भव्य स्वागत सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का होगा। पदयात्रा के ब्रज में प्रवेश करते ही जहां एक ओर 108 बटुक विप्र ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन किया जाएगा, वहीं ब्रज के प्राचीन देवालयों के गोस्वामी परिवारों की 11 सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा आरती उतारी जाएगी।
ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संरक्षक आचार्य मृदुल कांत शास्त्री और महामंत्री आर पांडे ने बताया कि पदयात्रा 13 नवंबर को सुबह 10:30 बजे कोटवन बॉर्डर से बृज की सीमा में प्रवेश करेगी। 21 ब्राह्मणों द्वारा एक साथ शंख ध्वनि तथा 11 तोपों के माध्यम से पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर 10000 से अधिक बृजवासी कोटवन टोल टैक्स बॉर्डर पर यात्रा का स्वागत करेंगे। जगतगुरु श्री निंबार्क आचार्य पीठाधीश्वर श्याम शरण देवाचार्य, श्रीजी महाराज ब्रज के बॉर्डर पर यात्रा का स्वागत करके सभी को आशीर्वाद देंगे। इसके लिए महाराज निंबार्क तीर्थ राजस्थान से वृंदावन धाम में आ चुके हैं।
न्यास के उपाध्यक्ष हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि ब्रजमंडल की चार दिवसीय पदयात्रा के लिए ब्रज तीर्थ देवालय न्यास द्वारा उपाध्यक्ष सुनील सिंह को मुख्य संयोजक मनोनीत किया गया है। मान मंदिर सेवा संस्थान का विशेष सहयोग इसके लिए प्राप्त हो रहा है। मान मंदिर सेवा संस्थान के सचिव तथा ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के उपाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि मान मंदिर के तत्वावधान में संत रमेश बाबा के आदेश से संपूर्ण ब्रजमंडल में जो सैकड़ों प्रभात फेरियां निकाली जाती हैं, उन सभी प्रभात फेरियों के हजारों कार्यकर्ता प्रतिदिन अपनी-अपनी भजन कीर्तन मंडलियों के साथ यात्रा में सम्मिलित होंगे।
वहीं सुमंत कृष्ण शास्त्री एवं राजू भैया ने बताया कि प्रतिदिन ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के माध्यम से 25000 से अधिक बृजवासी यात्रा में सम्मिलित होंगे।