मथुरा एसएसपी से शिकायत के बाद मंगलवार को फरह पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ लिया। वह वृंदावन स्थित होटल के समीप किराये के कमरे में आराम फरमा रहा था। इससे पहले पुलिस ने आरोपी को तमंचा रखने के आरोप में पकड़कर केस में इतिश्री कर ली थी।
मथुरा के फरह थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में आठ वर्ष की मासूम के साथ घिनौना कृत्य किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पर पाॅक्सो एक्ट में कार्रवाई न कर उसे अवैध तमंचा रखने के आरोप में जेल भेज दिया। आरोपी को कुछ ही दिन में जमानत मिल गई। जब बेटी के पिता ने उसे गांव में देखा तो वह पुलिस के पास पहुंचा। यहां उसे पता चला कि आरोपी पर दुष्कर्म का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। पीड़ित ने फरह पुलिस की कारगुजारी की शिकायत एसएसपी से की।
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कप्तान को बताया कि 22 सितंबर 2025 को उसकी आठ वर्षीय बेटी अपनी दो सहेलियों के साथ घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी योगेश वहां आया और मासूम को उठाकर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। मासूम ने कई दिन बाद इसकी जानकारी परिजन को दी।
पिता 7 अक्तूबर को थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बच्ची का वीडियो बनाया और बयान लिया मगर कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है पुलिस ने पिता पर राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया। पिता तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने आरोपी कान्हा उर्फ योगेश को 14 अक्तूबर को अवैध तमंचा रखने के आरोप में जेल भेज दिया। जहां से 27 अक्तूबर को छूट कर वह गांव आ गया। पिता ने 8 नवंबर को एसएसपी को मामले की जानकारी देते हुए न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी ने सीओ साइबर अपराध गुंजन सिंह को जांच सौंपी। पुलिस ने 10 नवंबर को दोबारा तहरीर लेकर आरोपी योगेश के विरुद्ध थाना फरह में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी योगेश को वृंदावन के रॉयल भारती होटल के पास एक किराये के कमरे से पकड़ लिया।
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धमकी देने पर मामा को भी पकड़ा
पिता ने बताया कि एसएसपी से मिलने जाते समय योगेश के मामा ने उनको धमकी दी कि वह कोई शिकायत न करें। पिता उसकी धमकियों से डरे नहीं। उन्होंने मामा के खिलाफ भी थाना फरह में तहरीर दी। पुलिस ने योगेश के मामा ओमप्रकाश को भी रिफाइनरी के गांव भुडरसू से पकड़कर शांति भंग में चालान किया है।