वृंदावन(मथुरा)। प्रदेश में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल सामूहिक विवाह योजना का शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने मखौल बनाकर रख दिया। दो-दो विधायकों की मौजूदगी में हुए इस सामूहिक विवाह आयोजन में न तो वर वधु के फेरे हुए और न ही वरमाला पड़ी। इस विवाह में हवन, पूजन और कन्यादान तक की रस्मों को नहीं निभाया। बिना हिंदू रीति रिवाजों को हुए इस सामूहिक विवाह समारोह में 16 जोड़े परिणय सूत्र में बांध दिए गए। अब अधिकारी विवाह कराने वाले पंडित पर सारा ठीकरा फोड़ रहे हैं। अपर नगर आयुक्त ने तो यहां तक कह दिया कि लिव इन रिलेशनशिप में भी तो लोग बिना शादी के रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की सामूहिक विवाह योजना के तहत मथुरा वृंदावन नगर निगम की ओर से श्री कृष्ण साधक ट्रस्ट में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम में अंतर्गत 16 जोड़ों का वैवाहिक कार्यक्रम संपूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न कराया गया। नगर निगम के अफसरों ने वर वधु के पंजीकरण फार्म जांचकर उन्हें आगे लगे सोफों पर बिठा दिया।
इसके बाद परिणय बंधन में बंधने वाले जोड़ों को कतारबद्ध बैठाया, उनके सामने उपहार की वस्तुएं रखीं। सभागार में सोलह जोड़ो ने गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में जीवन बंधन में बंधने का संकल्प लिया। नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि प्रत्येक जोडे़ के विवाह पर 51 हजार का व्यय किया गया है। इसमें कन्या के खाते में 35 हजार की धनराशि जमा करायी गईं है एवं 10 हजार रुपये मूल्य के दैनिक उपयोगी सामान उपहार स्वरूप वर एवं वधू को भेंट किये गए हैं।
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद
पंडित की दक्षिणा आदि आयोजन की व्यवस्था पर 6 हजार का व्यय किया गया है। समारोह में परिणय सूत्र में बंधे नवविवाहित जोड़ों को वहा पहुंचे नगर आयुक्त अनुनय झा, गोर्वधन विधायक मेघश्याम सिंह, विधायक पूरन प्रकाश, महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु, निगम के उप सभापति राधाकृष्ण पाठक ने आशीर्वाद व सर्टिफिकेट प्रदान मंगल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
वर माला का कार्यक्रम हुआ था लेकिन फेरे और अन्य धार्मिक परंपराओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी पंडित की थी। वैसे लोग लिवइन रिलेशन में भी तो बिना विवाह के रह लेते हैं।
सत्येंद्र तिवारी, अपर नगर आयुक्त।
हम तो शादी की समाप्ति के समय गए थे। उस समय तक क्या परंपराओं को निभाया गया, जानकारी नहीं है। हम तो आशीर्वाद देकर चले आए।
-पूरन प्रकाश, विधायक गोकुल।
मैं तो आधे कार्यक्रम में आ गया था और कुछ देर के बाद वर वधु को आशीर्वाद देकर वापस लौट आया। क्या परंपराएं निभाई गईं जानकारी नहीं है।
-ठाकुर मेघश्याम सिंह, विधायक गोवर्धन