मथुरा। शहर के ह्दयस्थल होलीगेट पर बुधवार को जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। एंबुलेंस को भी निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। करीब एक घंटे तक लगे लंबे जाम में वाहन चालक जद्दोजहद करते नजर आए। जाम को खुलवाने के लिए पुलिस का कोई नुमाइंदा नहीं दिखा। ट्रैफिक पुलिस भी नदारद रही।
दरअसल, अभिषेक यादव जब पुलिस कप्तान थे तो शहर में जाम पर काफी हद तक सफलता पाई थी। ट्रैफिक, थाना पुलिस व होमगार्ड भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहे। नो एंट्री में वाहनों का प्रवेश रोक दिया। अब शैलेष पांडेय ने चार्ज संभाला तो पुलिस व्यवस्था बदल गई। बुधवार को होलीगेट से आर्यसमाज रोड, कोतवाली रोड, विश्रामघाट और जिला अस्पताल तक चारों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। इसेे भी निकलवाने के लिए पुलिसकर्मी नहीं दिखा जबकि होलीगेट पर हर समय पुलिस पिकेट के साथ ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात रहते हैं। वाहन चालकों ने स्वयं व्यवस्था बनाकर एंबुलेंस को निकलने के लिए रास्ता दिया।
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नो एंट्री में वाहन जा रहे
सनी ठाकुर ने बताया कि मसानी, श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप ट्रैफिक पुलिस की क्रेन श्रद्धालुओें के वाहनों को टोइंग करने में लगी रहती है। चालान करने के लिए मोबाइल फोन चलने लगता है। वहीं मसानी से नो एंट्री में बड़े वाहनों को जाने दिया जाता है। भूपेंद्र कुमार का कहना है कि शहर में जाम लगने का मुख्य कारण नो एंट्री में वाहनों को प्रवेश कराना है।
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शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे मूर्तरूप दे दिया जाएगा। अगर नो एंट्री में बड़े वाहन प्रवेश कर रहे हैं तो उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-देवेश कुमार शर्मा, एसपी ट्रैफिक