बरसाना के राधारानी मंदिर में पूजा के अधिकार को लेकर कोर्ट में बहस हुई। दो घंटे तक दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी बातों को रखा, जिसके बाद मामले में कोर्ट ने अगली तारीख दे दी है।
बरसाना के राधारानी मंदिर की स्व. हरवंश गोस्वामी के वारिस की छह माह की सेवा के अधिकार को लेकर जिला जज की कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच ढाई घंटे तक बहस हुई। बहस के बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख दे दी है।
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विश्वविख्यात राधारानी मंदिर के सेवायत स्व. हरवंश गोस्वामी की पत्नी माया देवी की मौत के बाद तीन से चार वारिस बनने के लिए सेवायत व रिश्तेदारों ने सीनियर डिवीजन की कोर्ट में मुकदमा दायर किए।
इसमें हरवंश गोस्वामी की चचेरी बहन रेवती के नाती योगेश शर्मा को सिविल जज जूनियर डिवीजन छाता सत्य प्रकाश ने हरवंश गोस्वामी का वारिस मानते हुए 3 जनवरी को सेवा पूजा का अधिकार देने का आदेश दे दिया। इस आदेश पर योगेश शर्मा तहसीलदार मनोज कुमार व पुलिस बल के साथ सेवा लेने गए।
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जहां सेवायत गोस्वामियों ने विरोध किया। उसके बाद सेवायत दाऊदी गोस्वामी, रासबिहारी गोस्वामी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां यहां शाॅर्ट नोटिस पर जबरन सेवा लेने की याचिका दाखिल की। इस पर जिला जज ने समस्त पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद यथास्थिति का आदेश दिया था। जिला जज के इस आदेश के खिलाफ मंदिर की सेवा न मिलने पर वादी योगेश शर्मा ने हाईकोर्ट में अपील की।
हाईकोर्ट ने योगेश शर्मा की याचिका पर जिला जज को 14 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के आदेश को यथावत रखने, जल्द मामले के निस्तारण का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की त्वरित सुनवाई हो रही है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।