रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार डीपीआरओ किरन चौधरी ने मथुरा में भी कई बैनामे कराए। बुधवार रात को नौहझील ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी के साथ संयुक्त रूप से जमीन खरीदने का एक बैनामा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं एक और बैनामा बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
इस बैनामे में भी डीपीआरओ और ब्लॉक प्रमुख संयुक्त रूप से मालिक हैं। ऐसे में साफ है कि दोनों ने मिलकर एक नहीं बल्कि कई भूमि के बैनामे साथ कराए थे। 4 फरवरी को जिला पंचायत राज अधिकारी किरन चौधरी को विजिलेंस लखनऊ की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले में विजिलेंस आगरा जांच कर रही है। जांच में डीपीआरओ द्वारा काफी अचल संपत्ति हासिल करने का भी मामला सामने आया है। इसकी जानकारी विजिलेंस जुटा रही है। लेकिन इसी बीच बुधवार से सोशल मीडिया पर किरन चौधरी द्वारा खरीदी गई भूमि के बैनामे वायरल हो रहे हैं। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ये बैनामे किरन चौधरी के साथ विधायक मांट राजेश चौधरी की पत्नी और नौहझील ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी ने संयुक्त रूप से कराए थे।
बुधवार को देर शाम पानीगांव बांगर स्थित एक भूमि का बैनामा वायरल हुआ था। यह भूमि किरन चौधरी और सुमन चौधरी ने संयुक्त रूप से खरीदी थी। वहीं बृहस्पतिवार को एक और बैनामा वायरल हो गया। यह जमीन भी पानीगांव बांगर में ही खरीदी गई है। इसे बैनामे में जिन दो गाटा संख्या का जिक्र है, उसमें से एक गाटा पूर्व में कराए गए बैनामे से ही संबंधित है।
वहीं एक और गाटा की भी जमीन खरीदी गई है। दोनों गाटों का संपूर्ण भाग नेहा अग्रवाल से खरीदा गया था। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है। यह एक बड़ी जमीन के बैनाामे हैं, जो टुकड़ों में कराए गए थे। जल्द ही उनकी प्रति भी वायरल की जाएगी। बैनामे वायरल होने के बाद जिले भर में इनकी चर्चा है।
मामले में नौहझील ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी का कहना है कि यह जमीन कृषि की है और इसकी कीमत बहुत ही कम है। किसी मुख्य मार्ग से भी ये जमीनें दूर हैं। एक ही जमीन में खरीदार होने के चलते बैनामा संयुक्त रूप से कराया गया है। डीपीआरओ से उन्होंने किसी प्रकार के संबंध से इन्कार किया है।