ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु आराध्य के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। धक्का-मुक्की और भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं ने मुश्किलों से आराध्य के दर्शन किए। इस बीच राजस्थान के बाड़मेर निवासी नंदनी (20) पुत्री गणपत सिंह परिवार के साथ बांकेबिहारी के दर्शन करने आईं। मंदिर के गेट दो के समीप बेचैनी और घबराहट होने के साथ ही चक्कर आने लगे। परिजन सुरक्षा गार्डों की मदद से युवती को मंदिर परिसर में तैनात डॉक्टर के पास ले गए। स्वास्थ्य टीम के प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर परिजन अपने साथ ले गए।
इधर, मंदिर के गेट संख्या एक के समीप पलवल निवासी लोकेश (32) पुत्र कमल लाल की तबीयत बिगड़ गई। पहले घबराहट हुई उसके बाद वह भीड़ के बीच में बेहोश हो गए। परिजन उन्हें मंदिर परिसर में डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला संयुक्त चिकित्सा के लिए रेफर कर दिया। यहां मरीज को ड्रिप चढ़ाने के साथ ही दवाएं दीं। इससे श्रद्धालु को होश आया और वह बिना दर्शन किए ही परिजनों के साथ घर चले गए।
सुबह करीब 11 बजे बरेली के एमएल स्कूल की 17 वर्षीय छात्रा नीतू गेट एक पर बेहोश हो गई। छात्रा स्कूल के टूर में आई थी। मंदिर में मौजूद डॉक्टर के उपचार के बाद होश आने पर वह साथी छात्राओं और शिक्षक के साथ चली गई। महिला श्रद्धालु गीता (76) पत्नी भंवर लाल अपनी महिला साथियों के साथ मध्यप्रदेश के इंदौर से आई थी। गेट संख्या तीन के समीप अचानक उसे पेट में दर्द के साथ उल्टी होने लगी। महिला साथी उन्हें लेकर जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचीं। यहां उपचार के बाद हालत में सुधार आने पर वह चली गईं।
डाॅ. शशि रंजन ने बताया कि यहां दो श्रद्धालु उपचार के लिए आए। बेहोशी की हालत में आए लोकेश को भीड़ के कारण सिंकोपल अटैक आया। पहले भी ऐसा मरीज के साथ हो चुका है। एमआरआई ब्रेन के लिए सलाह दी है। उल्टी और पेट में दर्द की परेशानी को लेकर गीता आई थीं। यह सर्दी के कारण हुआ। दोनों उपचार के बाद सामान्य होने पर चले गए।
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