गोवर्धन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ब्रज प्रांत के स्वयंसेवकों ने घोष के विविध वाद्य यंत्रों के साथ गिरिराज महाराज की परिक्रमा की। 350 स्वयंसेवकों ने अपने वादन-कौशल का प्रदर्शन करते हुए गिरिराज महाराज के श्रीचरणों में नमन किया। श्रीजी की हवेली के निकट श्रीजी बाबा परिवार के रमाकांत गोस्वामी ने घोष का स्वागत किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र ने कहा कि स्वयंसेवक विषम परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का मार्ग बनाता है। ऐसे कार्यक्रम स्वयंसेवकों के भीतर चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा जागृत करते हैं। संघ के विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. कमल कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सौ वर्षों का कालखंड संघर्ष, साधना, संगठन और राष्ट्रसेवा की यात्रा का साक्षी रहा है। इस दौरान क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख नरेश विकल, सह प्रांत शारीरिक प्रमुख रामशंकर, सह प्रांत प्रचारक विनोद, घोष प्रमुख ललित, विभाग कार्यवाह डॉ. संजय, शिवकुमार, कुश चाहर, हीरालाल, पवन कुंतल, श्याम बाबू कौशिक आदि उपस्थित रहे।
पथ संचलन से होगी राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत
कोसीकलां। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को सैनी बस्ती में शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने नगर का भ्रमण कर राष्ट्रीय एकता, सनातन धर्म की रक्षा और आत्मरक्षा का संदेश दिया। विभाग सामाजिक समरस्ता प्रमुख अशोक जैन ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए हर हिंदू को सजग रहना चाहिए। नगर सह कार्यवाहक दिनेश सैनी ने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। नगर विद्यार्थी प्रमुख आशीष सक्सेना, सभासद विष्णु सैनी, खेमचंद, धर्मेंद्र, रमेश सैनी, सचिन लोकेश, सुरेश्, महेश, सोनू, कान्हा आदि मौजूद रहे। संवाद