डाकघर धरने में सुतली का फंदा लेकर पहुंचे प्रवर डाक अधीक्षक का परिवार
मथुरा। डाक विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तीन दिन से प्रधान डाकघर में धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद धरनास्थल का माहौल तब बदल गया जब प्रवर डाक अधीक्षक विजेंद्र सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ हाथ में सुतली से बना फंदा लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि धरना दे रहे लोग उन्हें फांसी दे दें। पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में वह वापस चले गए और धरना भी खत्म हो गया।
भाकियू (चढूनी) के कार्यकर्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान के नेतृत्व में प्रधान डाकघर में बीते तीन दिनों से डाक विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दे रहे हैं। बुधवार को डाक विभाग के अधिकारी और किसान नेताओं के बीच वार्ता की सहमति बनी थी। बृहस्पतिवार को किसान नेता अधिकारियों का इंतजार कर रहे थे कि तभी प्रवर डाक अधीक्षक अपनी पत्नी और बेटे के साथ वहां पहुंचे।
सभी के हाथों में सुतली से बना फंदा था। सभी ने किसान नेताओं के हाथों में फंदा देते हुए कहा कि वे पूरे परिवार को फांसी लगाकर मार दें। ऐसे में किसान नेता भी असमंजस में पड़ गए। आधे घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। काफी देर समझाने के बाद वह वापस लौट गए। किसान नेताओं ने भी एक माह में मांगों पर कार्रवाई करने की मोहलत देते हुए धरना समाप्त कर दिया।
अनुसूचित जाति के अधिकारियों के साथ ऐसा ही किया
धरनास्थल पर पहुंचे प्रवर डाक अधीक्षक ने कहा कि यहां तीन अनुसूचित जाति के अधिकारी आए, सभी के साथ ऐसा ही किया गया। जितेंद्र सिंह को जम्मू भेजा गया, भूमिराज सिंह को भगा दिया गया। उन्होंने कहा कि तीसरे अधिकारी वह हैं, अब उनका नंबर है। उन्होंने कहा कि वह मरने के लिए तैयार हैं। चाहे उन्हें कहीं भी भेजा जाए, वह डरने वाले नहीं हैं।
तीन घंटे में आईं धमकी भरी 46 व्हाट्सएप कॉल
प्रवर अधीक्षक डाकघर विजेंद्र ने बताया कि भाकियू का धरना प्रायोजित है। यहां से स्थानांतरित कर्मचारी प्रमोद व अन्य कुछ सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों ने किसानों को गुमराह कर धरने पर बैठा दिया है। उन्हीं की तरफ से किसानों के भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रवर अधीक्षक का आरोप है कि धरना प्रदर्शन के प्रमुख प्रायोजक एक शाखा डाकघर ने उन्हें बुधवार रात को व्हाट्सएप पर काॅल कर धमकाया। प्रमोद ने तीन घंटे में उन्हें व्हाट्सएप पर 46 काॅल कीं। उन्होंने पुलिस व डाक विभाग के उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की।